खंडवा। ककस (कवि कला संगम) के तत्वावधान में योगिनी एकादशी के अवसर पर रामेश्वर रोड क्षेत्र में साहित्यिक कार्यक्रम यात्रा-वृत्तांत, संस्मरण और काव्य-रस फुहार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों और कवियों ने अपने अनुभवों, संस्मरणों और रचनाओं के माध्यम से उपस्थित श्रोताओं को साहित्यिक आनंद से सराबोर किया।
कार्यक्रम की शुरुआत सोनम चौरे ने अतिथियों, आमंत्रित साहित्यकारों और कवियों का तिलक लगाकर स्वागत किया। इसके बाद सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
ककस के संस्थापक सुनील चौरे उपमन्यु ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य यात्रा-वृत्तांत और संस्मरणों के माध्यम से लोगों को भारत की संस्कृति, परंपराओं और विविधताओं से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि यात्रा अनुभवों को सुनने से देश को देखने और जानने की जिज्ञासा बढ़ती है। भारत अपनी अनूठी संस्कृति और विरासत के कारण पूरे विश्व को आकर्षित करता है।
कार्यक्रम में मंगला चौरे और वर्षा उपाध्याय ने अपने यात्रा संस्मरण साझा किए। उन्होंने अपने अनुभवों को रोचक शैली में प्रस्तुत करते हुए विभिन्न स्थानों के दृश्य, संस्कृति और विशेषताओं को श्रोताओं के सामने जीवंत कर दिया।
इस अवसर पर संयोजक महेश मूलचंदानी, मंगला चौरे, वर्षा उपाध्याय, सुरेंद्र गीते, भानुप्रताप गौर, शुभम देवड़ा, सरिता सक्सेना, कविता विश्वकर्मा, माधुरी श्रीवास्तव, राजमाला आर्य, योगिता पंवार, अकील खान, ओम प्रकाश चौरे, भूपेंद्र सिंह मौर्य, अरुण सोनी, देवेंद्र जैन, डॉ. जगदीश चंद चौरे सहित अन्य साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देकर माहौल को साहित्यिक रंगों से भर दिया। काव्य-रस की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को देर तक बांधे रखा।
