मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जन्म प्रमाण पत्र बनाने में देरी, मरीजों की बढ़ी परेशानी

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जन्म प्रमाण पत्र बनाने में देरी, मरीजों की बढ़ी परेशानी

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जन्म प्रमाण पत्र बनाने में देरी, मरीजों की बढ़ी परेशानी

खंडवा। मेडिकल कॉलेज सह-जिला अस्पताल में नवजात बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आवेदकों का कहना है कि आवेदन जमा करने के बाद प्रमाण पत्र मिलने में 8 से 10 दिन तक का समय लग रहा है। वहीं, कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि सिफारिश या पैसे देने वालों का काम प्राथमिकता से किया जाता है, जबकि सामान्य आवेदकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।

अस्पताल में रोज सुबह से ही जन्म प्रमाण पत्र बनवाने और उसमें नाम सुधार या अन्य संशोधन कराने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले कई परिवार घंटों लाइन में खड़े रहते हैं, लेकिन कई बार उनका काम नहीं हो पाता। इससे उन्हें बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

सबसे अधिक परेशानी उन अभिभावकों को हो रही है जिनके बच्चों का स्कूल में प्रवेश जन्म प्रमाण पत्र के अभाव में रुका हुआ है। परिजनों का कहना है कि वे रोजमर्रा का काम छोड़कर अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन धीमी प्रक्रिया और अव्यवस्था के कारण समय पर प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा है।

कतार में खड़े नानकराम वर्मा ने बताया कि वे लगातार चार दिनों से अस्पताल आ रहे हैं। उनका कहना है कि टोकन मिलने के बावजूद उनका काम नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि सिफारिश या पैसे के जरिए कुछ लोगों के आवेदन पहले निपटाए जा रहे हैं, जबकि आम लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

इन आरोपों पर सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल ने कहा कि अस्पताल में पैसे लेकर प्राथमिकता से काम करने जैसी बात सही नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास इस संबंध में कोई ठोस शिकायत या साक्ष्य है, तो उसकी जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।