खंडवा। शहर के खंडवा-मूंदी रोड स्थित ग्राम सिहाड़ा में नगर निगम की पहाड़ीनुमा जमीन पर कथित रूप से बड़े पैमाने पर अवैध खनन किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि नगर निगम के एक ठेकेदार की देखरेख में जेसीबी और पोकलेन मशीनों से पहाड़ी को काटकर बड़ी मात्रा में मुरूम निकाली जा रही है। दावा किया जा रहा है कि इस कार्य के लिए खनिज विभाग से आवश्यक अनुमति भी नहीं ली गई।
जानकारी के अनुसार, रेलवे ओवरब्रिज के पास निर्माणाधीन राजपूत धर्मशाला के पीछे स्थित यह पहाड़ी नगर निगम की भूमि पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रहे खनन से प्राकृतिक स्वरूप वाली पहाड़ी लगभग समतल होती जा रही है।
आरोप है कि यहां से निकाली जा रही मुरूम शहर के कॉलोनाइजरों को बेची जा रही है। इसके अलावा कॉलोनी विकास, वेयरहाउस निर्माण और शहर में बन रहे निजी भवनों में भी इसकी आपूर्ति की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, यदि नियमानुसार खनिज विभाग से अनुमति लेकर खनन किया जाता, तो शासन को रॉयल्टी के रूप में एक करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हो सकता था। वहीं, यह भी दावा किया जा रहा है कि नगर निगम के कई अधिकारियों को इस गतिविधि की जानकारी नहीं है।
मामले में यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि अवैध खनन को कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
अब इस पूरे मामले में नगर निगम, खनिज विभाग और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ खनिज नियमों और अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
