खंडवा। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर जिले में जनसंख्या नियंत्रण एवं परिवार कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान की शुरुआत की गई। शनिवार को मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल परिसर से जन-जागरूकता रथ को सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के विभिन्न ग्रामों में पहुंचकर लोगों को परिवार नियोजन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेगा।
इस अवसर पर जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. रश्मि कौशल, मीडिया अधिकारी वी.एस. मंडलोई, सहायक प्रबंधक यशवंत सोलंकी सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला अस्पताल में भी परिवार कल्याण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी लोगों को दी गई।

डॉ. अनिरुद्ध कौशल ने बताया कि 11 से 18 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सही समय पर गर्भधारण और दो बच्चों के बीच उचित अंतर बनाए रखने के प्रति जागरूकता फैलाना है। इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की थीम है—“मां और बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के लिए गर्भधारण का सही समय और बच्चों के बीच उचित अंतर जरूरी है।”
उन्होंने अनचाहे गर्भधारण से बचने के लिए परिवार नियोजन के अस्थायी और स्थायी साधनों के उपयोग पर जोर दिया। स्वास्थ्य एवं आशा कार्यकर्ता योग्य दंपत्तियों से संपर्क कर उन्हें छोटे परिवार के लाभों के बारे में जानकारी देंगे और विभिन्न साधनों के उपयोग के लिए प्रेरित करेंगे।
डॉ. कौशल ने बताया कि ‘अंतरा’ इंजेक्शन बच्चों के बीच अंतर रखने का एक सरल और प्रभावी साधन है, जिसे हर तीन महीने में लगाया जाता है। इसके अलावा ‘छाया’ गर्भनिरोधक गोली, निरोध, ओरल पिल्स और कॉपर-टी जैसे विकल्प भी उपलब्ध हैं। ये सभी सेवाएं जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध हैं।
नसबंदी पर प्रोत्साहन राशि का ऐलान, पुरुष सहभागिता पर भी जोर
उन्होंने परिवार नियोजन में पुरुषों की सहभागिता पर भी जोर दिया। नसबंदी कराने वाली महिलाओं को 2000 रुपये तथा पुरुष नसबंदी कराने पर 3000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। साथ ही प्रेरकों को भी प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। प्रसव के सात दिनों के भीतर नसबंदी कराने पर महिला को 3000 रुपये और प्रेरक को 400 रुपये दिए जाते हैं।
अभियान के माध्यम से जिले में जनसंख्या नियंत्रण, स्वस्थ परिवार और खुशहाल जीवन का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
