कौशल, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का संगम: खंडवा में जनजातीय शिल्पकार मेला सफलतापूर्वक सम्पन्न

कौशल, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का संगम: खंडवा में जनजातीय शिल्पकार मेला सफलतापूर्वक सम्पन्न

कौशल, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का संगम: खंडवा में जनजातीय शिल्पकार मेला सफलतापूर्वक सम्पन्न

खंडवा में आयोजित जनजातीय शिल्पकार पंजीयन मेला एवं प्रदर्शनी में बांस कला केंद्र, गुलईमाल (विकासखंड खालवा) के कारीगरों ने अपने उत्कृष्ट हस्तनिर्मित बांस उत्पादों का प्रदर्शन किया।

09 जुलाई को ट्राइफेड के सौजन्य से किशोर कुमार सभागार, खंडवा में आयोजित इस कार्यक्रम में कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर शिल्पकारों का उत्साहवर्धन किया और गुणवत्ता, कौशल विकास एवं आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया।

ट्राइफेड द्वारा शिल्पकारों को पंजीयन प्रक्रिया, गुणवत्ता मानक, डिजाइन विकास, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।

जनजातीय शिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में यह आयोजन एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। बांस कला केंद्र गुलईमाल के कारीगरों ने इस अवसर को अपने हुनर और परंपरागत कला के प्रचार-प्रसार के लिए महत्वपूर्ण मंच बताया। 🌿