आईटीआई में परीक्षा अव्यवस्थाओं पर अभाविप का हंगामा, प्राचार्य का घेराव

आईटीआई में परीक्षा अव्यवस्थाओं पर अभाविप का हंगामा, प्राचार्य का घेराव

आईटीआई में परीक्षा अव्यवस्थाओं पर अभाविप का हंगामा, प्राचार्य का घेराव

खंडवा के शासकीय आईटीआई में अखिल भारतीय ट्रेड टेस्ट-2026 के दौरान परीक्षा व्यवस्थाओं में कथित अव्यवस्थाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्र हितों को लेकर अभाविप कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य और परीक्षा केंद्राध्यक्ष का घेराव किया तथा देर रात तक धरना देकर कार्रवाई की मांग की। परिषद का आरोप है कि परीक्षा के लिए जरूरी संसाधन और सुरक्षा उपकरण समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे विद्यार्थियों की व्यावहारिक परीक्षाएं प्रभावित हुईं।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने शासकीय आईटीआई खंडवा पहुंचकर प्राचार्य एवं परीक्षा केंद्राध्यक्ष का घेराव किया और छात्र हितों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। परिषद का आरोप है कि 6 जुलाई से शुरू हुए अखिल भारतीय ट्रेड टेस्ट-2026 में विभिन्न ट्रेडों के लिए आवश्यक टूल्स, मशीनरी, रॉ मटेरियल, पीपीई किट और अन्य जरूरी सामग्री समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई।

अभाविप ने आरोप लगाया कि शासकीय आईटीआई के विद्यार्थियों की अपेक्षा निजी आईटीआई के विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी गई, जबकि सरकारी संस्थान के छात्रों को परीक्षा के दौरान मूलभूत संसाधनों के लिए परेशान होना पड़ा। परिषद ने वेल्डर, फिटर, टर्नर, मशीनिस्ट, डीजल मैकेनिक, मोटर मैकेनिक, इलेक्ट्रीशियन, स्टेनोग्राफी और कोपा सहित कई ट्रेडों में सामग्री की कमी का मुद्दा उठाया।

छात्र हितों को लेकर अभाविप कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने बारिश के बीच करीब तीन घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया, जो देर रात तक चलता रहा। सूचना मिलने पर एसडीएम, पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा दोनों पक्षों के बीच चर्चा कराई।

प्रदर्शन के बाद प्राचार्य एवं परीक्षा केंद्राध्यक्ष ने लिखित आश्वासन दिया कि आगामी परीक्षाओं के लिए सभी आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाएगी और व्यवस्थाओं में रही कमियों को तत्काल दूर किया जाएगा।

हालांकि अभाविप ने स्पष्ट किया कि परीक्षा का संचालन निदेशालय सामान्य प्रशिक्षण के निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होना चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि विद्यार्थियों की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो छात्र हितों को लेकर आगे भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।