चीनी पटाखों पर प्रतिबंध, रात 8 से 10 बजे तक ही फटाखा छोड़ने की अनुमति

चीनी पटाखों पर प्रतिबंध, रात 8 से 10 बजे तक ही फटाखा छोड़ने की अनुमति

चीनी पटाखों पर प्रतिबंध, रात 8 से 10 बजे तक ही फटाखा छोड़ने की अनुमति

खंडवा। दीपावली एवं देवउठनी ग्यारस सहित आगामी त्योहारों के दौरान लोक शांति और जनसुरक्षा बनाए रखने के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ऋषव गुप्ता ने सख्त प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। विस्फोटक अधिनियम 1884 के तहत जारी ये आदेश खंडवा जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा में लागू रहेंगे और आगामी 3 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेंगे।

जारी आदेश के अनुसार बेरियम साल्ट से निर्मित पटाखों और लड़ियों के रूप में जुड़े पटाखों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा ई-कॉमर्स कंपनियों एवं निजी व्यक्तियों द्वारा ऑनलाइन या बिना लाइसेंस पटाखों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

रात 8 से 10 बजे तक ही चला सकेंगे पटाखे

आदेश के तहत रात 8 बजे से पहले और रात 10 बजे के बाद पटाखे चलाने पर प्रतिबंध रहेगा। घोषित साइलेंट जोन के 100 मीटर के दायरे में भी आतिशबाजी नहीं की जा सकेगी। आबादी वाले रहवासी क्षेत्रों में अवैध पटाखा बिक्री और अत्यधिक ज्वलनशील आतिशबाजी के प्रयोग पर भी पूरी तरह रोक रहेगी।

धार्मिक स्थलों और अस्पतालों के पास नहीं लगेंगी दुकानें

पटाखों की दुकानें घनी आबादी, धार्मिक स्थलों, अस्पतालों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों के नजदीक नहीं लगाई जा सकेंगी। यदि जांच में ऐसे स्थानों पर दुकानें संचालित मिलती हैं तो उन्हें तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाएगी। भीड़भाड़ वाले इलाकों में सार्वजनिक स्थानों, वाहनों और ठेलागाड़ियों पर पटाखों की अवैध बिक्री भी प्रतिबंधित रहेगी।

चीनी पटाखों और धार्मिक चित्रों वाले पटाखों पर रोक

आदेश में चीनी एवं अन्य विदेशी निर्मित सभी प्रकार के पटाखों के भंडारण, परिवहन और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। धार्मिक चित्रों वाले पटाखों की बिक्री और उपयोग भी प्रतिबंधित रहेंगे।

दुकानों पर सुरक्षा इंतजाम अनिवार्य

पटाखा दुकानों को अन्य आवासीय भवनों से पूरी तरह अलग रखना होगा। दुकान के ऊपर आवासीय स्थान या ऊपरी मंजिल पर जाने का रास्ता नहीं होना चाहिए। भंडार गृह का उपयोग केवल आतिशबाजी के भंडारण के लिए किया जा सकेगा। इसके साथ ही प्रत्येक पटाखा व्यवसाय स्थल पर अग्निशमन यंत्र, बालू-रेत और पानी से भरी टंकियों सहित सुरक्षा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखना अनिवार्य होगा।

कलेक्टर के आदेश का उद्देश्य त्योहारों के दौरान दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के साथ आम नागरिकों की सुरक्षा और सार्वजनिक शांति सुनिश्चित करना है।