खंडवा। वंशानुगत रक्त विकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इनके उपचार एवं शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ग्लोबल अलायंस फॉर सिकल सेल एंड अदर इनहेरिटेड ब्लड डिसऑर्डर्स (GANSID) के चौथे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘गांसिड कांग्रेस 2026’ का आयोजन 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक हैदराबाद में किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में खंडवा, मध्यप्रदेश के रक्तमित्र शैलू मंडलोई ने सहभागिता कर जिले का प्रतिनिधित्व किया।
जय महाराणा रक्तदान समूह भारत, खंडवा के संस्थापक एवं अध्यक्ष रक्तमित्र शैलू मंडलोई लंबे समय से जिले में थैलेसीमिया और सिकल सेल से पीड़ित मरीजों की सहायता तथा रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में उनकी सहभागिता को खंडवा के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
24 देश, 7 क्षेत्र और एक वैश्विक समुदाय
सम्मेलन की मुख्य विषयवस्तु ‘24 देश, 7 क्षेत्र, एक वैश्विक समुदाय’ रही। इसमें विभिन्न देशों के चिकित्सक, शोधकर्ता, वैज्ञानिक, रोगी संगठनों के प्रतिनिधि और नीति निर्माता शामिल हुए। सिकल सेल रोग, थैलेसीमिया और अन्य वंशानुगत रक्त विकारों से जुड़ी चुनौतियों, मरीजों की जरूरतों तथा उपचार और अनुसंधान को बेहतर बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।
इस मंच का उद्देश्य विभिन्न देशों के विशेषज्ञों और मरीजों से जुड़े संगठनों को एक साथ लाकर अनुभव साझा करना तथा रक्त विकारों से प्रभावित लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और सहयोग की संभावनाओं को मजबूत करना रहा।
सात क्षेत्रों के देशों की सहभागिता
आयोजन में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, सम्मेलन में दुनिया के सात क्षेत्रों के देशों ने सहभागिता की। इनमें अफ्रीका से घाना, तंजानिया, केन्या, जिम्बाब्वे, जाम्बिया और इथियोपिया, दक्षिण अफ्रीका, युगांडा, नाइजीरिया और मोरक्को शामिल रहे।
दक्षिण-पूर्व एशिया से बांग्लादेश, मलेशिया और भारत; उत्तर अमेरिका से कनाडा और अमेरिका; दक्षिण अमेरिका के अंतर्गत ब्राजील और मध्य पूर्व से लेबनान और बहरीन; पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र से फिलीपींस तथा यूरोप से ब्रिटेन, ग्रीस, साइप्रस, स्वीडन और फिनलैंड के नाम शामिल किए गए हैं।
रक्त विकारों के क्षेत्र में गांसिड के प्रमुख कार्य
गांसिड संगठन वैश्विक स्तर पर सिकल सेल और अन्य वंशानुगत रक्त विकारों से जुड़े लोगों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में काम करता है। इसके प्रमुख कार्यों में वैश्विक स्वास्थ्य मंचों पर मरीजों और संबंधित समुदायों की आवाज उठाना, चिकित्सकों एवं रोगी संगठनों की क्षमता बढ़ाना और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए प्रशिक्षण तथा शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराना शामिल है।
इसके साथ ही नैदानिक परीक्षणों और शोध नेटवर्क से संबंधित जानकारी साझा करना तथा सिकल सेल रोग के वैश्विक पंजीकरण और अनुसंधान को प्रोत्साहित करना भी संगठन के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।
भारत में आयोजन से बढ़ी जागरूकता की उम्मीद
गांसिड कांग्रेस 2026 का भारत में आयोजन वंशानुगत रक्त विकारों से जुड़े मुद्दों को व्यापक स्तर पर सामने लाने का अवसर है। ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मरीजों, सामाजिक संगठनों, चिकित्सकों और शोधकर्ताओं के बीच सहयोग बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
खंडवा के रक्तमित्र शैलू मंडलोई की सहभागिता ने जिले में रक्तदान, थैलेसीमिया और सिकल सेल के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय मंच से जोड़ने का अवसर प्रदान किया।
