खंडवा(संजय चौबे)। जिले के विकासखंड पंधाना के ग्राम जलकुआं में कृषिनमामि आजीविका फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही है। कंपनी से जुड़ी महिलाएं पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर औषधीय एवं व्यावसायिक फसलों की खेती के माध्यम से आय के नए अवसर विकसित कर रही हैं। सामूहिक प्रयासों से महिलाएं कृषि को आजीविका का मजबूत साधन बनाते हुए आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
औषधीय फसलों की खेती से नए अवसर
कृषिनमामि आजीविका फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी से जुड़ी महिलाएं अश्वगंधा, शतावरी, सफेद मूसली, तुलसी, कुसुम, कौंच बीज और मोरिंगा सहित विभिन्न औषधीय फसलों की खेती कर रही हैं। इसके साथ ही नीम बीज और बहेड़ा जैसी वन उपज के संग्रहण का कार्य भी किया जा रहा है। इससे स्थानीय संसाधनों के उपयोग के साथ ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आय के नए रास्ते खुल रहे हैं।
कंपनी की एक खास पहचान समूह आधारित सिंदूर की खेती है, जो इसे अन्य किसान उत्पादक संगठनों से अलग बनाती है। सामूहिक रूप से खेती और कृषि गतिविधियों का संचालन महिलाओं को संगठित होकर व्यवसाय करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।
महिला नेतृत्व में आगे बढ़ रहा सामूहिक उद्यम
कंपनी की संचालक श्रीमती कला बामने, श्रीमती सुनीता पवार, श्रीमती पुष्पा कोंगे, श्रीमती पूजा पटेल और श्रीमती कल्पना कोचले के नेतृत्व में महिलाओं को सामूहिक कृषि व्यवसाय से जोड़ा जा रहा है। वहीं, कंपनी के सीईओ श्री सुनील पंडोले के मार्गदर्शन में उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन की गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य केवल फसलों का उत्पादन करना नहीं, बल्कि कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और विपणन के माध्यम से महिलाओं को बेहतर आर्थिक अवसर उपलब्ध कराना भी है।
लखपति दीदी बनने की दिशा में बढ़ते कदम
कृषिनमामि की यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सामूहिक खेती और वन उपज के संग्रहण के माध्यम से महिलाएं अपनी आय बढ़ाने तथा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रयासरत हैं। यह पहल महिलाओं को लखपति दीदी बनने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है।
बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज परियोजना के लिए जताया आभार
औषधीय पौधों के उत्पादन, प्रसंस्करण और संग्रहण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज परियोजना प्रारंभ की गई है। इस परियोजना के माध्यम से कृषि गतिविधियों को व्यवस्थित करने और उत्पादन से लेकर विपणन तक की प्रक्रियाओं को मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
कृषिनमामि के समस्त संचालक मंडल, सीईओ श्री सुनील पंडोले और कंपनी से जुड़ी सभी सदस्य महिलाओं ने इस परियोजना को प्रारंभ करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया।
जलकुआं की महिलाओं की यह पहल दर्शाती है कि सामूहिक प्रयास, महिला नेतृत्व और कृषि आधारित उद्यम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
