खंडवा। वीरांगना रानी दुर्गावती की 502वीं जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरसूद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम छनेरा में आयोजित समारोह में जनजातीय विकास को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती ने प्रजा के सुख को ही अपना धर्म माना था। उनके दिखाए मार्ग पर चलकर राज्य सरकार प्रदेश के जनजातीय भाई-बहनों के कल्याण और विकास का नया अध्याय लिख रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती अदम्य साहस, अटल स्वाभिमान और शक्ति की प्रतीक थीं। उन्होंने अपने जीवनकाल में 52 युद्ध लड़े और 51 में विजय प्राप्त की। उनके शासनकाल में कृषि, जल प्रबंधन और आधारभूत संरचना को मजबूती मिली तथा गोंड साम्राज्य के हजारों गांव समृद्धि के केंद्र बने।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित करने, रानी दुर्गावती के चित्र पर माल्यार्पण तथा पंच कलश के माध्यम से गोगो पूजन और बड़ादेव के विधि-विधान से पूजन के साथ किया। इस अवसर पर प्रदेश के इतिहास में पहली बार गोंडवाना साम्राज्य के तत्कालीन 52 गढ़ों के राजवंशजों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने राजवंशजों को साफा पहनाकर खड्ग और प्रतीक चिन्ह भेंट किए।
तेंदूपत्ता संग्राहकों को 21.34 करोड़ का बोनस
मुख्यमंत्री ने खंडवा सहित बुरहानपुर, बड़वानी, खरगोन, देवास और हरदा जिले के 3 लाख 54 हजार 126 तेंदूपत्ता संग्राहकों को 21 करोड़ 34 लाख रुपए से अधिक की बोनस राशि वितरित की। इसमें खंडवा जिले के 32 हजार 846 संग्राहक शामिल हैं।
इसके अलावा खंडवा वन मंडल क्षेत्र की 56 संयुक्त वन प्रबंधन समितियों से जुड़े 26 हजार 400 से अधिक हितग्राहियों को 4 करोड़ 58 लाख रुपए का काष्ठ लाभांश वितरित किया गया।
मुख्यमंत्री ने खंडवा जिले में लगभग 143 करोड़ रुपए की लागत के 18 विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इनमें करीब 48 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न हाईस्कूल भवन और छात्रावास तथा लगभग 20 करोड़ रुपए की लागत से खालवा में खेल परिसर शामिल हैं। इसके साथ ही 68 करोड़ 57 लाख रुपए की लागत से तीन सामुदायिक एवं सांस्कृतिक भवनों का निर्माण भी प्रस्तावित है।
CM की बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर क्षेत्रीय विकास के लिए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि हरसूद विधानसभा क्षेत्र में करवानी उद्वहन सिंचाई परियोजना पर तेजी से काम किया जाएगा। जनजातीय क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति से जुड़े विकास कार्यों के लिए 25 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।
खालवा तहसील क्षेत्र में 6 नए सांदीपनि विद्यालय बनाए जाएंगे। हरसूद में 490 सीटर नया कन्या छात्रावास बनाया जाएगा। क्षेत्र के छात्रावासों में 34 करोड़ रुपए की लागत से रोटी मेकर मशीनें, वॉटर कूलर और ई-लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रदेश में करीब 161 करोड़ रुपए की लागत से 40 नए जनजातीय छात्रावास बनाए जाएंगे। क्षेत्र के आश्रम स्कूलों में विकास कार्यों के लिए 143 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि दी जाएगी। खंडवा में 10 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से हाइटेक नर्सरी बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि हरसूद सहित खंडवा जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनाए जाएंगे।
रानी दुर्गावती से मिली राष्ट्र प्रथम की सीख
मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती के जीवन से राष्ट्र प्रथम, स्वाभिमान, विषम परिस्थितियों में नेतृत्व कौशल, नारी शक्ति का सम्मान, जल संचय तथा जंगल और प्रकृति संरक्षण की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक 750 रुपए से बढ़ाकर 4 हजार रुपए किया है और शुद्ध लाभ का 75 प्रतिशत बोनस के रूप में दिया जा रहा है। साथ ही 32 लघु वनोपजों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित कर वनवासियों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष करीब 1 लाख करोड़ रुपए की लागत से जनकल्याण और विकास कार्य कराए जाएंगे। जनजातीय क्षेत्रों को मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा से जोड़ा जाएगा। किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री और विजय शाह ने भी संबोधित किया
केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने 52 गढ़ों के राजवंशजों के सम्मान को ऐतिहासिक अवसर बताया।
जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि जनजातीय राजवंशों के 52 गढ़ों का देश के इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में रानी दुर्गावती, राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह, क्रांतिसूर्य टंट्या मामा और संत सिंगाजी महाराज के जीवन पर आधारित नृत्य-नाटिकाएं भी प्रस्तुत की गईं।
कार्यक्रम में विधायक नारायण पटेल, कंचन तनवे, छाया मौरे, जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी सुदेश वानखेड़े, महापौर अमृता अमर यादव, पूर्व महापौर भावना शाह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और तेंदूपत्ता संग्राहक मौजूद रहे।
