खंडवा। शिक्षा विभाग के पोर्टल पर जिले को नंबर-1 दिखाने की जल्दबाजी अब विद्यार्थियों पर भारी पड़ती नजर आ रही है। प्रोफाइल अपडेशन और लॉकिंग का काम समय से पहले पूरा करने की होड़ में स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों के बैंक खाता नंबर और IFSC कोड गलत दर्ज कर दिए गए। इसका खामियाजा पात्र विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
गलत बैंक डिटेल्स के कारण करीब 802 पात्र विद्यार्थियों के ट्रांजैक्शन फेल हो गए हैं और उनकी छात्रवृत्ति की राशि खातों में नहीं पहुंच सकी। जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय की स्कूल शिक्षा पोर्टल 3.0 की ब्लॉकवार रिपोर्ट ने इस गड़बड़ी को उजागर किया है।
2.41 लाख विद्यार्थियों का नामांकन, 2.32 लाख प्रोफाइल लॉक
मिडिया रिपोर्ट के अनुसार खंडवा जिले के सातों ब्लॉकों में कुल 2,41,230 विद्यार्थियों का नामांकन था। इनमें से 2,34,248 विद्यार्थियों की प्रोफाइल अपडेट की गई और 2,32,605 प्रोफाइल लॉक कर दी गईं।
इसके बाद जब 1,20,945 पात्र विद्यार्थियों को करीब 6.48 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति वितरित करने की प्रक्रिया शुरू हुई, तब बैंक खातों से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आईं। करीब 802 विद्यार्थियों के खाते मिसमैच पाए गए, जिससे छात्रवृत्ति भुगतान अटक गया।
स्कूलों में डेटा एंट्री के दौरान बैंक खाता नंबर और IFSC कोड गलत दर्ज किए गए।कई स्कूलों ने पात्र विद्यार्थियों के प्रकरण समय पर संकुल प्राचार्यों को फॉरवर्ड नहीं किए।कई विद्यार्थियों के खाते आधार से लिंक/KYC नहीं होने के कारण डिजिटल भुगतान रिजेक्ट हो गया।
शिकायत शाखा प्रभारी आरएस शोरे के अनुसार, पिछले दो वर्षों में दो दर्जन से अधिक विद्यार्थी छात्रवृत्ति नहीं मिलने की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर कर चुके हैं। बाद में मैन्युअल सुधार के जरिए कुछ मामलों में भुगतान कराया गया।
जांच कराकर भुगतान सुनिश्चित करेंगे
मामले को लेकर विभागीय स्तर पर भी गंभीरता जताई गई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि छात्रवृत्ति मैपिंग में तेजी लाने के लिए स्कूल या संकुल स्तर पर लापरवाही बरतते हुए बैंक खाते गलत दर्ज किए गए हैं, तो यह गंभीर मामला है। इसकी जांच कराई जाएगी और जहां भी त्रुटि मिली, वहां मैपिंग में तत्काल सुधार कराकर प्रत्येक पात्र विद्यार्थी का रुका हुआ भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

