खंडवा। खालवा विकासखंड के वनग्राम मेहलू निवासी बुदिया पति मनोहरी की चार वर्षीय बेटी दुर्गा जन्म से ही कमजोर थी। वह ठीक से खाना भी नहीं खाती थी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की सलाह पर परिजनों ने 3 अगस्त को दुर्गा को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी), रोशनी में भर्ती कराया, जहां उपचार और पोषण आहार से उसके स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
एनआरसी में चिकित्सक डॉ. संतोष मोरे ने दुर्गा का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के दौरान उसका वजन 11 किलो 325 ग्राम और भुजा की माप 12 सेंटीमीटर पाई गई। इसके बाद चिकित्सक एवं एनआरसी स्टाफ ने प्रोटोकॉल के अनुसार उसका उपचार शुरू किया और नियमित रूप से पोषण आहार दिया गया।
दुर्गा को कुल 14 दिनों तक एनआरसी में भर्ती रखा गया। 16 अगस्त को दोबारा स्वास्थ्य परीक्षण करने पर उसके स्वास्थ्य में स्पष्ट सुधार सामने आया। उपचार के बाद दुर्गा का वजन बढ़कर 12 किलो 490 ग्राम हो गया, जबकि भुजा की माप भी बढ़कर 12.5 सेंटीमीटर हो गई।
घर पर पोषण आहार बनाने की दी जानकारी
एनआरसी से छुट्टी के दौरान पोषण प्रशिक्षक ममता श्रीवास ने दुर्गा की मां बुदिया को घर में उपलब्ध खाद्य पदार्थों से पौष्टिक आहार तैयार करने के तरीके बताए। साथ ही बालिका के नियमित पोषण और स्वास्थ्य की देखभाल के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई।
परिजनों के अनुसार, दुर्गा अब सामान्य रूप से पोषण आहार ग्रहण कर रही है। वह दैनिक गतिविधियों और खेलकूद में भी हिस्सा ले रही है, जिससे उसके शारीरिक विकास में सुधार हो रहा है।
दुर्गा के माता-पिता ने रोशनी स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में मिली स्वास्थ्य सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने चिकित्सक और पूरे स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दुर्गा का स्वास्थ्य अब पहले की तुलना में काफी बेहतर है और उसका वजन भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
