खंडवा में शराबबंदी अभियान के दौरान विवाद, विधायक का रिश्तेदार होने का दावा करने वाला युवक चर्चा में

खंडवा में शराबबंदी अभियान के दौरान विवाद, विधायक का रिश्तेदार होने का दावा करने वाला युवक चर्चा में

खंडवा में शराबबंदी अभियान के दौरान विवाद, विधायक का रिश्तेदार होने का दावा करने वाला युवक चर्चा में

खंडवा। पिपलोद थाना क्षेत्र के ग्राम खिड़गांव में शराबबंदी की मुहिम के दौरान राजनीतिक रसूख दिखाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि गांव में डायरी सिस्टम के जरिए शराब बेच रहे एक युवक ने विरोध करने पर खुद को खंडवा विधायक कंचन तनवे का भांजा बताया और राजनीतिक पहुंच का हवाला दिया।

मिडिया रिपोर्ट के अनुसार गांव में शराब की अवैध बिक्री बंद कराने के लिए ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता एकजुट होकर पहुंचे थे। इसी दौरान कथित तौर पर शराब बेच रहे युवक से उनकी बहस हो गई। आरोप है कि युवक ने ग्रामीणों को प्रभावित करने के लिए खुद को विधायक का भांजा बताया और कहा कि विधायक उसके मामा हैं।

ग्रामीणों ने शराबबंदी की मांग उठाई

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में डायरी सिस्टम के माध्यम से शराब की बिक्री की जा रही थी। इससे गांव का माहौल प्रभावित होने और युवाओं पर नकारात्मक असर पड़ने की बात कहते हुए ग्रामीण लंबे समय से शराबबंदी की मांग कर रहे हैं।

विरोध के दौरान युवक द्वारा राजनीतिक पहचान का हवाला दिए जाने से मामला और गरमा गया। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शराब की अवैध बिक्री पर कार्रवाई की मांग की है।

जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट

मामले में युवक द्वारा विधायक से रिश्तेदारी का दावा किए जाने को लेकर भी चर्चा है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर गांव में अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है।

फिलहाल मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक कार्रवाई और जांच संबंधी जानकारी सामने आने का इंतजार है।

विधायक मुकेश तनवे की प्रतिक्रिया बोली कार्यवाही होना चाहिए :

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक मुकेश तनवे ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध और अवैध गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “अपराधी कोई भी हो, उसे सजा मिलनी ही चाहिए—चाहे वह मेरे परिवार का ही क्यों न हो।”