जानलेवा साबित हुआ सांप का रेस्क्यू: सर्पमित्र को डंसा, खुद अस्पताल पहुंचा पर नहीं बची जान

जानलेवा साबित हुआ सांप का रेस्क्यू: सर्पमित्र को डंसा, खुद अस्पताल पहुंचा पर नहीं बची जान

जानलेवा साबित हुआ सांप का रेस्क्यू: सर्पमित्र को डंसा, खुद अस्पताल पहुंचा पर नहीं बची जान

खंडवा में जहरीले सांप के रेस्क्यू के दौरान दर्द भरी खबर सामने आई हैं। सांप को पकड़ने के बाद उसे नहलाते वक्त उसने सर्पमित्र को डंस लिया। सर्पमित्र को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जहां चेकअप के बाद डॉक्टरों ने सर्पमित्र युवक को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से गांव में मातम पसर गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मामला इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर स्थित ग्राम भोजाखेड़ी का है। यहां सर्पमित्र आशिक खां मंसूरी की एक छोटी सी चूक ने उनकी जान ले ली। मृतक आशिक खां मंसूरी को क्षेत्र में सांप पकड़ने के लिए जाना-पहचाना जाता था। गांव-गांव से लोग उन्हें सांप निकलने पर बुलाते थे। बताया जाता है कि आशिक अब तक करीब एक हजार से ज्यादा सांप पकड़ चुके थे, बिना तय शुल्क के लोगों की मदद करते थे।

इधर, मंगलवार को भी आशिक बरूड गांव में एक जहरीले सांप को पकड़ने पहुंचे थे। उन्होंने सांप को काबू में तो कर लिया, लेकिन इसी दौरान एक छोटी सी चूक हो गई और सांप ने उन्हें डस लिया। जहर चढ़ने के बावजूद उसने हिम्मत नहीं हारी और सांप को प्लास्टिक के पीपे में बंद कर खुद ही मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंच गए।

सांप को अस्पताल लाए, डिब्बे में फन मारने लगा

जिला अस्पताल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पीपे में बंद सांप जोर-जोर से फन मारने लगा। सांप इतना उग्र था कि पूरा डब्बा हिलने लगा, जिसे देखकर अस्पताल में मौजूद लोग भी घबरा गए। डॉक्टरों ने आशिक को तुरंत एंटी स्नेक वेनम देकर इलाज शुरू किया, लेकिन तब तक जहर शरीर में तेजी से फैल चुका था। लगातार इलाज के बावजूद उसने दम तोड़ दिया।

आसिफ की मौत की खबर मिलते ही मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रिश्तेदारों और परिचितों की भीड़ लग गई। लोगों ने कहा कि, जिस शख्स ने अपने हुनर से सैकड़ों लोगों को राहत दी, आखिर वही हुनर और उससे जुड़ा जोखिम उसकी जिंदगी पर भारी पड़ गया।