उत्कृष्ट बालक छात्रावास में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित, विद्यार्थियों को बताए अधिकार और कर्तव्य

उत्कृष्ट बालक छात्रावास में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित, विद्यार्थियों को बताए अधिकार और कर्तव्य

उत्कृष्ट बालक छात्रावास में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित, विद्यार्थियों को बताए अधिकार और कर्तव्य

खंडवा। मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार युवाओं को उनके विधिक अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बुधवार को उत्कृष्ट बालक छात्रावास, खंडवा में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में जिला न्यायाधीश अनिल चौधरी ने विद्यार्थियों को कानून की मूलभूत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा को अपने अधिकारों के साथ-साथ विधिक और सामाजिक कर्तव्यों की जानकारी होना आवश्यक है। जागरूक नागरिक ही समाज में कानून और व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

जिला न्यायाधीश ने विद्यार्थियों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम और मोटरयान अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बाल विवाह और दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए विद्यार्थियों से इनके खिलाफ जागरूक रहने और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।

शिविर में यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा पर भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने तथा जिम्मेदार नागरिक के रूप में यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया।

जिला विधिक सहायता अधिकारी दिलावर सिंह ने विद्यार्थियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित निःशुल्क विधिक सहायता और विभिन्न विधिक सेवा योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जरूरतमंद व्यक्ति निर्धारित प्रक्रिया के तहत निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम में पैरा लीगल वालंटियर्स जितेंद्र शेष और मयूर चौरे सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी उपस्थित रहे।