भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने किसान कल्याण वर्ष 2026 में किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सहकारिता विभाग की ‘कवच योजना’ को मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दी है। योजना का उद्देश्य लंबित जांच के कारण नई ऋण सुविधा और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे किसानों को दोबारा संस्थागत वित्त व्यवस्था से जोड़ना है।
करीब 5 हजार किसानों को मिलेगा लाभ
‘कवच योजना’ से सहकारी समितियों से जुड़े करीब 5 हजार किसान लाभान्वित होंगे। इन किसानों के ऋण खातों में हुई गड़बड़ियों की जांच लंबित होने के कारण उन्हें नई ऋण सुविधा और कुछ शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। सरकार का प्रयास है कि जांच की प्रक्रिया लंबित रहने का असर किसानों की खेती और आजीविका पर अनिश्चितकाल तक न पड़े।
50 करोड़ रुपये की विशेष निधि
योजना के तहत प्रभावित किसानों को नया कृषि ऋण उपलब्ध कराने का रास्ता तैयार किया जाएगा। इसके लिए अपेक्स बैंक और जिला सहकारी बैंक अपने स्तर पर 50 करोड़ रुपये तक की विशेष निधि का निर्माण करेंगे। इसके अलावा राज्य सरकार किसानों के हित में 25 करोड़ रुपये की एकमुश्त अंशपूंजी सहायता उपलब्ध कराएगी।
समय पर ऋण से खेती को मिलेगी गति
सरकार के अनुसार संस्थागत कृषि ऋण किसानों के लिए खेती का महत्वपूर्ण वित्तीय आधार है। समय पर ऋण मिलने से किसान बीज, खाद, कृषि यंत्र, सिंचाई और अन्य कृषि गतिविधियों के लिए जरूरी पूंजी जुटा सकेंगे। इससे उन्हें महंगे कर्ज पर निर्भरता से भी राहत मिलेगी।
4 अगस्त को मिली योजना को मंजूरी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 4 अगस्त 2026 को मंत्रालय में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘कवच योजना’ को मंजूरी दी गई थी। सरकार का कहना है कि योजना किसानों को आर्थिक गतिविधियों को दोबारा गति देने के साथ सहकारी बैंकिंग और संस्थागत ऋण व्यवस्था की मुख्यधारा में वापस लाने का माध्यम बनेगी।
किसान कल्याण वर्ष में लागू की जा रही इस पहल का उद्देश्य किसानों को समय पर ऋण, कृषि आदान और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराकर खेती-किसानी को निर्बाध बनाए रखना है।
