खंडवा में 14 जुलाई से शुरू होगा दस्तक अभियान, 5 साल तक के बच्चों की होगी घर-घर जांच

खंडवा में 14 जुलाई से शुरू होगा दस्तक अभियान, 5 साल तक के बच्चों की होगी घर-घर जांच

खंडवा में 14 जुलाई से शुरू होगा दस्तक अभियान, 5 साल तक के बच्चों की होगी घर-घर जांच

खंडवा। बाल्यकालीन बीमारियों की पहचान, त्वरित उपचार और जरूरत पड़ने पर बच्चों को स्वास्थ्य केंद्रों तक रेफर करने के उद्देश्य से जिले में दस्तक अभियान का प्रथम चरण 14 जुलाई से 31 अगस्त तक चलाया जाएगा। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीमें घर-घर पहुंचकर 5 वर्ष तक के बच्चों की स्वास्थ्य जांच करेंगी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी जुगतावत ने बताया कि इस वर्ष दस्तक अभियान को ‘स्टॉप डायरिया कैंपेन’ से जोड़ा गया है। अभियान की थीम डायरिया की रोकथाम, स्वच्छता और ओआरएस के उपयोग पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य डायरिया से होने वाली शिशु मृत्यु दर को कम करना और बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना है।

कुपोषण और एनीमिया की होगी स्क्रीनिंग

अभियान के दौरान जन्म से 5 वर्ष तक के बच्चों में गंभीर कुपोषण, एनीमिया, निमोनिया, डिहाइड्रेशन और संक्रमण की सक्रिय रूप से पहचान की जाएगी। गंभीर स्थिति मिलने पर बच्चों को तत्काल उपचार अथवा आवश्यकतानुसार उच्च स्वास्थ्य संस्थान में रेफर किया जाएगा।

6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों में गंभीर एनीमिया की स्क्रीनिंग कर निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार किया जाएगा। वहीं 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक दी जाएगी।

घर-घर पहुंचाए जाएंगे ORS और जिंक

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अनिल तंतवार ने बताया कि अभियान के दौरान डायरिया से पीड़ित बच्चों की पहचान के साथ परिवारों को ओआरएस के सही उपयोग के बारे में जागरूक किया जाएगा। घर-घर भ्रमण के दौरान ORS पैकेट और जिंक की गोलियां भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

अभियान में एएनएम, आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीमें सक्रिय रहेंगी। ये दल घर-घर जाकर बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी जुटाएंगे और बीमारी मिलने पर आवश्यक प्रबंधन सुनिश्चित करेंगे।

निमोनिया और गंभीर बीमारियों पर भी निगरानी

दस्तक अभियान के दौरान 5 वर्ष तक के बच्चों में बाल्यकालीन निमोनिया की त्वरित पहचान की जाएगी। गंभीर लक्षण पाए जाने पर बच्चों को तत्काल उपचार और आवश्यकतानुसार रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य अभियान के माध्यम से बच्चों में होने वाली गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान कर इलाज, पोषण और बचाव संबंधी सेवाएं घर के नजदीक उपलब्ध कराना है।