छैगांव माखन (खंडवा): विशेष संवाददाता| मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की जनपद पंचायत छैगांव माखन के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सिर्रा में शासकीय निधि के कथित दुरुपयोग और बड़े पैमाने पर अनियमितता को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों की साठगांठ से विकास कार्यों के नाम पर बिना काम किए लाखों का चूना लगाया गया है।
श्मशान घाट और साफ-सफाई के नाम पर निकले बिल:
ग्रामीणों के अनुसार, 5वें वित्त आयोग से श्मशान घाट के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के लिए स्वीकृत राशि का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया है। धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। इसके अलावा गांव में कुओं की सफाई और सामान्य स्वच्छता कार्यों के नाम पर कागजों में ही सफाई के बिल तैयार कर राशि निकाल ली गई, जबकि मौके पर कोई सफाई कार्य नहीं हुआ है।



पंचायत निधि से ख़रीदे मोबाइल:
पंचायत निधि की फिजूलखर्ची पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने बताया कि नियमानुसार पंचायत के पास केवल एक मोबाइल क्रय करने का प्रावधान है, लेकिन सिर्रा पंचायत में एक से अधिक मोबाइल के नाम पर राशि निकाली गई। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने सरपंच पति पर पंचायत के दैनिक कामकाज में असंवैधानिक हस्तक्षेप करने का सीधा आरोप लगाया है।
बिना आबादी क्षेत्र में बिछा दी पाइपलाइन:
तकनीकी स्वीकृतियों (TS) में स्पष्ट रूप से आबादी वाले क्षेत्र का उल्लेख होने के बावजूद, कथित रूप से ऐसे स्थान पर पाइपलाइन बिछवा दी गई जहाँ कोई आबादी ही नहीं निवास करती। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि बिना किसी विधिवत ग्राम पंचायत प्रस्ताव के यह कार्य कराया गया।
गुणवत्ताहीन पंचायत भवन और अधूरी नालियों का पूरा भुगतान:
सड़क के बिल्कुल समीप सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर घटिया निर्माण सामग्री से पंचायत भवन खड़ा कर दिया गया है। कई स्थानों पर नाली का निर्माण किए बिना या सड़क निर्माण कार्य अधूरा छोड़ कर ही पूरी भुगतान राशि आहरित कर ली गई है।
लोकायुक्त व EOW तक पहुंची शिकायत- जांच दल बने, पर कार्रवाई शून्य:
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में जनपद पंचायत छैगांव माखन, कलेक्टर खंडवा, जिला पंचायत CEO, संभागायुक्त, लोकायुक्त इंदौर एवं EOW (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) इंदौर को भी लिखित शिकायत प्रेषित की है। “जब भी शिकायत की जाती है, केवल एक जांच दल गठित कर औपचारिकता पूरी कर ली जाती है। धरातल पर आज तक कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई या रिकवरी नहीं हुई।”
ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि पिछले वर्षों में हुए सभी निर्माण कार्यों और भुगतानों का निष्पक्ष भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कराया जाए। तथा बिल-वाउचर, पंचायत प्रस्तावों और तकनीकी स्वीकृतियों (TS) की स्वतंत्र जांच एजेंसियों से उच्चस्तरीय जांच हो। दोषी पाए जाने वाले जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों से राशि की वसूली (Recovery) कर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
इनका कहना है :-
संयुक्त जांच दल के प्रतिवेदन के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हेतु सीईओ जिला पंचायत खंडवा को लिखा गया है। कार्रवाई अभी लंबित है।
-पंकज डाले – सीईओ, जनपद पंचायत ,छैगांव माखन


- संपादकीय टिप्पणी / अस्वीकरण: यह समाचार रिपोर्ट ग्राम पंचायत सिर्रा के निवासियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों और लगाए गए आरोपों पर आधारित है।
