खंडवा:विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर शनिवार को खंडवा शहर में आदिवासी समाज द्वारा एक विशाल और भव्य महारैली का आयोजन किया गया। पारंपरिक वेशभूषा, मांदल की गूंज और युवाओं के उत्साह से सराबोर यह महारैली करीब चार घंटे तक शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं और समाजजनों की उपस्थिति रही।
महारैली की शुरुआत सुबह करीब 11:30 बजे शहर के स्टेडियम ग्राउंड से हुई। हाथ में सामाजिक झंडे, पारंपरिक वाद्य यंत्र और सांस्कृतिक प्रतीक लिए युवाओं का हुजूम शहर के मुख्य चौराहों और बाजारों से होकर गुजरा। मार्ग में डॉ. बी.आर. आंबेडकर चौक पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। जगह-जगह रैली का भव्य स्वागत हुआ और दोपहर लगभग 3:30 बजे यह जुलूस पुरानी अनाज मंडी परिसर में जाकर एक आम सभा में परिवर्तित हो गया।
पुरानी अनाज मंडी में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जयस (JAYAS) व सामाजिक प्रतिनिधियों ने समाज की उन्नति के लिए कई महत्वपूर्ण विषय रखे।
शिक्षा ही विकास की कुंजी है युवाओं और बच्चों को उच्च शिक्षा हासिल कर बेहतर पदों तक पहुंचना होगा ताकि वे समाज के उत्थान में योगदान दे सकें।
प्रकृति और संस्कृति का बचाव जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा के साथ-साथ अपनी प्राचीन रीति-रिवाजों, ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यावरण को बचाना हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
सामाजिक एकजुटता कुरीतियों और नशाखोरी से दूर रहकर समाज को जागरूक, संगठित और आत्मनिर्भर बनाना आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में समाज के वरिष्ठों व वक्ताओं का आभार व्यक्त किया गया और शांतिपूर्ण ढंग से आयोजन संपन्न हुआ।
