तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत चिकित्सा अधिकारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत चिकित्सा अधिकारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत चिकित्सा अधिकारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

खंडवा। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत बुधवार को सिविल सर्जन कार्यालय के सभाकक्ष में जिले के चिकित्सा अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य तंबाकू उत्पादों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति चिकित्सकों को जागरूक करना तथा उन्हें मरीजों के बीच प्रभावी जनजागरूकता अभियान चलाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. जुगतावत ने चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को तंबाकू उत्पादों के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों की जानकारी दें और उन्हें तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की सलाह लोगों को नशामुक्त जीवन की ओर प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. सुजीत वर्मा ने बताया कि चबाने वाले तंबाकू का बढ़ता उपयोग गंभीर चिंता का विषय है। तंबाकू के सेवन से कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियां होती हैं, इसलिए इसके दुष्प्रभावों के प्रति व्यापक जनजागरूकता जरूरी है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से युवाओं को तंबाकू की लत से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए।

डॉ. वर्मा ने कहा कि तंबाकू एक धीमा जहर है, जिसका सेवन किसी भी रूप में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। तंबाकू से होने वाला कैंसर न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य और जीवन को प्रभावित करता है, बल्कि पूरे परिवार पर आर्थिक और सामाजिक संकट भी खड़ा कर देता है। उन्होंने बताया कि तंबाकू और गुटखा के लगातार सेवन से ओरल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. रश्मि कौशल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक शैलेन्द्र सिंह सोलंकी सहित जिले के विभिन्न चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।