बिना कोचिंग भवती विद्यालय के दो छात्रों ने पीएटी 2026 में मारी बाजी, पहले राउंड में हुआ चयन

बिना कोचिंग भवती विद्यालय के दो छात्रों ने पीएटी 2026 में मारी बाजी, पहले राउंड में हुआ चयन

बिना कोचिंग भवती विद्यालय के दो छात्रों ने पीएटी 2026 में मारी बाजी, पहले राउंड में हुआ चयन

बड़वानी। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवती ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों से जिले का गौरव बढ़ाया है। विद्यालय के दो विद्यार्थियों का प्री एग्रीकल्चर टेस्ट (पीएटी) 2026 के प्रथम चरण में बिना किसी कोचिंग के पहले ही प्रयास में चयन हुआ है।

राजमाता विजयराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर द्वारा जारी प्रथम चरण के कॉलेज आवंटन के अनुसार छात्रा कु. अंकु हरेसिंह सोलंकी का चयन कृषि महाविद्यालय, गंजबासौदा तथा सुजल मला नरगावें का चयन कृषि महाविद्यालय, खंडवा में हुआ है। इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

विद्यालय प्रबंधन के अनुसार पीएटी में लगातार विद्यार्थियों का चयन गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, नियमित मार्गदर्शन और शिक्षकों के समर्पित प्रयासों का परिणाम है। नियमित कक्षाओं के साथ विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और अभ्यास भी उपलब्ध कराया जाता है, जिससे कृषि शिक्षा के प्रति उनकी रुचि लगातार बढ़ रही है।

विद्यालय के प्राचार्य असलम खान ने बताया कि विद्यालय में कृषि विषय की पढ़ाई केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक और प्रयोगात्मक तरीके से कराई जाती है। विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि प्रयोगशाला, फील्ड गतिविधियों, मॉडल और प्रोजेक्ट्स के माध्यम से सीखने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष पीएटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों की सफलता पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है।

कृषि विषय के शिक्षक शफीक शेख ने बताया कि पीएटी 2026 के प्रथम चरण के आवंटन में दो विद्यार्थियों का चयन हुआ है और आगामी चरणों में अन्य विद्यार्थियों के चयन की भी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए विद्यार्थियों को प्रारंभ से ही कृषि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रेरित किया जाता है।

वहीं कृषि शिक्षक महेश शिंदे ने बताया कि विद्यालय में कक्षा 11वीं से ही इच्छुक विद्यार्थियों को पीएटी और अन्य कृषि प्रवेश परीक्षाओं की विशेष तैयारी कराई जाती है। नियमित अभ्यास और व्यक्तिगत मार्गदर्शन का ही परिणाम है कि बिना कोचिंग के विद्यार्थियों ने यह सफलता हासिल की।

विद्यालय परिवार ने दोनों चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।