खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र श्री धूनीवाले दादाजी मंदिर का स्वरूप आने वाले वर्षों में पूरी तरह बदलने जा रहा है। दादा धूनीवाले के समाधिस्थ होने के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर वर्ष 2030 तक मंदिर के भव्य पुनर्निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है। लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह मंदिर आधुनिक वास्तुकला और आध्यात्मिक परंपरा का अनूठा संगम होगा।
मंदिर की सबसे खास विशेषता इसकी अनोखी वास्तु संरचना होगी। मंदिर में 108 खंभों का निर्माण किया जाएगा, लेकिन इसकी डिजाइन ऐसी होगी कि श्रद्धालुओं को केवल 84 खंभे ही दिखाई देंगे। इस विशेष निर्माण शैली को धार्मिक मान्यताओं और वास्तुशिल्प के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
मंदिर का निर्माण उसी पवित्र स्थान पर किया जाएगा, जहां कभी दादा धूनीवाले का ओटला हुआ करता था। वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहे इस स्थान को अब भव्य और दिव्य मंदिर के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं भी मिल सकें।
मंदिर ट्रस्ट ने दादा धूनीवाले की समाधि शताब्दी वर्ष 2030 को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है। परियोजना के तहत मंदिर परिसर का विस्तार, आधुनिक सुविधाओं का विकास, विशाल सभा स्थल, बेहतर दर्शन व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
भव्य मंदिर बनने के बाद खंडवा धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर और अधिक मजबूत पहचान बनाएगा। मंदिर परिसर का नया स्वरूप न केवल श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि शहर की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
धूनीवाले दादाजी मंदिर के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को क्षेत्र की सबसे बड़ी धार्मिक निर्माण योजनाओं में शामिल माना जा रहा है, जिसकी पूर्णता के बाद श्रद्धालुओं को एक भव्य और दिव्य आध्यात्मिक परिसर का अनुभव मिलेगा।
