खंडवा में चार महीने से दहशत बना तेंदुआ आखिर पिंजरे में कैद

खंडवा में चार महीने से दहशत बना तेंदुआ आखिर पिंजरे में कैद

खंडवा में चार महीने से दहशत बना तेंदुआ आखिर पिंजरे में कैद

खंडवा। जिले की पंधाना तहसील के ग्राम खरखेड़ी, काकोड़ा और अंबाखेड़ा के आसपास के वन क्षेत्र में पिछले चार महीनों से दहशत का कारण बने तेंदुए को आखिरकार रविवार को वन विभाग ने रेस्क्यू कर लिया। तेंदुआ विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुआ लगातार गांव के आसपास मंडरा रहा था और बकरियों समेत कई पालतू पशुओं को अपना शिकार बना चुका था। शनिवार को उसने एक गाय के बछड़े को भी मार डाला था। इसके अलावा खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों पर भी कई बार झपटने की कोशिश की गई, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ था। हालात ऐसे हो गए थे कि लोग अकेले खेतों में जाने से भी कतराने लगे थे।

ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने चार दिन पहले इलाके में पिंजरा लगाया था। तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे में चारे के रूप में मुर्गी रखी गई। शनिवार देर रात शिकार की तलाश में आया तेंदुआ मुर्गी को देखकर पिंजरे में घुस गया और दरवाजा बंद होते ही कैद हो गया।

रविवार सुबह जब ग्रामीणों ने पिंजरे में तेंदुए को देखा तो मौके पर भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था के बीच तेंदुए को पिंजरे सहित वाहन में रखकर अपने साथ ले गई।

खंडवा रेंज के रेंजर शंकर सिंह चौहान ने बताया कि पकड़े गए तेंदुए को करीब 10 किलोमीटर दूर घने जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल से सटे क्षेत्रों में सतर्क रहें और किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखने पर तुरंत सूचना दें।

तेंदुए के पकड़े जाने के बाद तीनों गांवों के लोगों ने राहत जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से भय के साए में जी रहे थे, लेकिन अब स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।