खंडवा: शहर के रमा कॉलोनी स्थित आनंद निवास में किशोर कराओके क्लब स्टूडियो द्वारा अमर पार्श्व गायक मुकेश की जयंती संगीतमय अंदाज में मनाई गई। कार्यक्रम में शहर के गायकों और संगीत प्रेमियों ने उनके सदाबहार गीतों की प्रस्तुति देकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
क्लब की संचालिका नीलम नानक बजाज के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रफुल्ल मंडलोई ने मुकेश के जीवन और संगीत सफर पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 22 जुलाई 1923 को दिल्ली में जन्मे मुकेश चंद्र माथुर की गायन प्रतिभा को सबसे पहले अभिनेता मोतीलाल ने पहचाना और उन्हें फिल्म निर्दोष में पहला गीत गाने का अवसर मिला। इसके बाद उन्होंने करीब 35 वर्षों के करियर में लगभग एक हजार गीत गाकर भारतीय फिल्म संगीत में अमिट पहचान बनाई।
कार्यक्रम के दौरान मुकेश के लोकप्रिय गीतों ‘फूल तुम्हें भेजा है खत में’, ‘कई बार यूं भी देखा है’, ‘एक दिन बिक जाएगा माटी के मोल’, ‘जीना यहां मरना यहां’, ‘डम डम डिगा डिगा’, ‘सब कुछ सीखा हमने’ और ‘आवारा हूं’ सहित कई सदाबहार नगमों की कराओके पर प्रस्तुति दी गई।
इस अवसर पर संजय गदले, पी.सी. इंग्ले, अजय मंडलोई, शैला शुक्ला, सीमा जोशी, विष्णु मगरे, मनीष नरवाते, पवन आरतानी, नितीन सिंह, कविता विश्वकर्मा, अनिल खत्री, नीलम बजाज, नानक बजाज, अशोक पारवानी, प्रफुल्ल मंडलोई, कामिनी मंडलोई, निर्मल मंगवानी और अशोक खत्री सहित कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का समापन सभी कलाकारों द्वारा मुकेश के संगीत योगदान को याद करते हुए उन्हें सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ।
