खंडवा में 4 आदतन बदमाशों पर जिला बदर की कार्रवाई, एक साल तक 7 जिलों में एंट्री बैन

खंडवा में 4 आदतन बदमाशों पर जिला बदर की कार्रवाई, एक साल तक 7 जिलों में एंट्री बैन

खंडवा में 4 आदतन बदमाशों पर जिला बदर की कार्रवाई, एक साल तक 7 जिलों में एंट्री बैन

खंडवा। जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए चार आदतन अपराधियों को जिला बदर कर दिया है। कलेक्टर ऋषव गुप्ता द्वारा जारी आदेश के तहत इन सभी आरोपियों को एक वर्ष की अवधि तक खंडवा सहित आसपास के छह जिलों—बुरहानपुर, खरगोन, देवास, बैतूल, हरदा और इंदौर—की सीमाओं में प्रवेश करने से प्रतिबंधित किया गया है।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर की गई है। प्रशासन का कहना है कि संबंधित आरोपियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और उनकी गतिविधियां क्षेत्र की शांति व्यवस्था के लिए खतरा बन रही थीं।

राहुल रोकड़े पर सबसे अधिक गंभीर अपराध दर्ज

सूरजकुंड क्षेत्र निवासी राहुल पिता सुपा रोकड़े के खिलाफ सबसे अधिक गंभीर मामले दर्ज पाए गए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उस पर आबकारी एक्ट, आर्म्स एक्ट के साथ-साथ चोरी, घर में घुसकर वारदात, मारपीट, जान से मारने की धमकी, लूट और डकैती जैसे संगीन अपराध दर्ज हैं। इन्हीं कारणों से उसे एक वर्ष के लिए जिला बदर किया गया है।

बादल बंजारा पर भी सख्त कार्रवाई

संजय नगर निवासी बादल पिता दरबार बंजारा को भी जिला बदर किया गया है। उसके खिलाफ मारपीट, अवैध वसूली, धमकी और घर में घुसकर हमला करने जैसे कई मामले दर्ज हैं। भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत उस पर कई प्रकरण चल रहे हैं।

जाबाज उर्फ मोनू मंसूरी रहेगा जिले से बाहर

आशापुर (हरसूद) निवासी जाबाज उर्फ मोनू पिता पीरू मंसूरी के खिलाफ भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ मारपीट, महिला से जुड़े अपराध और धमकी जैसे कई मामले दर्ज हैं। इन्हीं के आधार पर उसे भी एक साल के लिए जिले से बाहर रहने के आदेश दिए गए हैं।

करण भील पर भी गिरी कार्रवाई की गाज

बलवाड़ा, थाना पिपलोद निवासी करण पिता तिलक भील को भी जिला बदर किया गया है। उसके खिलाफ मारपीट, धमकी, महिला संबंधी अपराध और घर में घुसकर हमला करने जैसे गंभीर आरोप हैं। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने उसके खिलाफ यह कदम उठाया है।

आदेश उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिला बदर आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बिना सक्षम अनुमति इन सात जिलों की सीमा में प्रवेश करना उनके लिए प्रतिबंधित रहेगा।

इस कार्रवाई को जिले में अपराध पर नियंत्रण और शांति व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।