खंडवा। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धारा 49 के तहत महंगाई राहत आदेश जारी करने से पहले आपसी सहमति की अनिवार्यता समाप्त किए जाने के फैसले का पेंशनर्स संगठनों ने स्वागत किया है। संगठनों ने इसे पेंशनर्स हित में महत्वपूर्ण निर्णय बताते हुए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
पेंशनर्स संगठनों के अनुसार, पहले महंगाई राहत से जुड़े आदेश जारी करने के लिए दोनों राज्यों की सहमति आवश्यक होती थी, जिसके कारण कई बार प्रक्रिया में देरी होती थी। अब इस बाध्यता के समाप्त होने से पेंशनर्स को समय पर राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
एमपी पेंशनर्स ग्रुप के सुरेंद्र गीते ने कहा कि धारा 49 की अनिवार्यता समाप्त होना पेंशनर्स संगठनों के लंबे संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने बताया कि संगठन लंबे समय से इस व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे थे।
पेंशनर्स संगठनों ने उम्मीद जताई है कि नए प्रावधान से महंगाई राहत से जुड़े निर्णय अधिक सुगमता और समयबद्ध तरीके से हो सकेंगे, जिससे प्रदेश के पेंशनर्स को लाभ मिलेगा।
