Maharashtra News जलगांव का अनोखा बैंक: नाम GOAT बैंक; लोन में बकरी, डिपॉजिट में लौटाना पड़ता है मेमना

Maharashtra News जलगांव का अनोखा बैंक: नाम GOAT बैंक; लोन में बकरी, डिपॉजिट में लौटाना पड़ता है मेमना

Maharashtra News जलगांव का अनोखा बैंक: नाम GOAT बैंक; लोन में बकरी, डिपॉजिट में लौटाना पड़ता है मेमना

जलगांव। महाराष्ट्र के जलगांव जिले की चालीसगांव तहसील में ऐसा बैंक चल रहा है, जहां पैसों की बजाय बकरियों का लेन-देन होता है। इस ‘गोट बैंक’ ने 300 से ज्यादा गरीब, विधवा, परित्यक्ता और भूमिहीन श्रेणी की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है।

पुणे का ‘सेवा सहयोग फाउंडेशन’ लोन लेने आई ​महिला को बकरी पालन का प्रशिक्षण दिलाता है। इसके बाद एक पूर्ण विकसित बकरी मुफ्त दी जाती है।

शर्त केवल इतनी होती है कि 6 से 9 महीने बाद, जब बकरी के बच्चे बड़े हो जाते हैं, तो महिला को उनमें से एक मेमना बैंक में डिपॉजिट के रूप में वापस करना पड़ता है।

यही मेमना बड़ा होने पर किसी अन्य नई सदस्य महिला को स्वरोजगार के लिए दे दिया जाता है।

महिलाओं की ‘एटीएम’ बनी बकरी

महिलाएं बैंक से मिली बकरी का पालन कर रही हैं। वे इससे सालाना 3 से 4 मेमने प्राप्त कर, एक मेमना बैंक को लौटाती हैं और शेष बेचकर 30,000 रुपए तक कमा लेती हैं। बकरी उनके लिए ‘एटीएम’ बन गई है। अब इन महिलाओं ने मिलकर ‘गिरणा परिसर महिला पशुपालक उत्पादक कंपनी’ बना ली है।

जानिए कैसे काम करता है

  • रजिस्ट्रेशन- इच्छुक महिला एक छोटी सी रजिस्ट्रेशन फीस देकर बैंक के साथ एग्रीमेंट करती है।
  • गोट लोन- बैंक उन्हें एक गर्भवती बकरी या कुछ बकरियां देता है।
  • मेमनों की वापसी- महिला को एक निश्चित अवधि (जैसे 40 महीने) में कुछ मेमनों (जैसे 4) को बैंक को लौटाना होता है।
  • फायदा- बचे हुए मेमनों और बकरियों को बेचकर, उन्हें पालकर पैसे कमाती हैं।

पढ़िए बकरी बैंक पर 2 बयान

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हमारे अभियान से 300 से अधिक महिलाएं जुड़ चुकी हैं। बकरी बैंक के माध्यम से महिलाएं अब खुद बकरियां लौटा रही हैं- गुणवंत सोनवणे, सेवा सहयोग फाउंडेशन

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बकरी बैंक की वजह से मुझे रोजगार का नया जरिया मिला और अच्छी आय हो रही है। अब मैं इलाके की अन्य महिलाओं को भी इस व्यवसाय से जुड़ने के लिए मार्गदर्शन दे रही हूं- वैशाली राठौड़, सुंदरनगर, चालीसगांव

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Sources: https://www.bhaskar.com/