खंडवा। पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने जिले में दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के तृतीय चरण की शुरुआत कर दी है। यह अभियान 13 जुलाई से शुरू होकर 18 जुलाई तक चलेगा। अभियान के दौरान विभाग की टीमें ऐसे पशुपालकों के घर-घर पहुंचकर सत्यापन करेंगी, जिनके पास 3 से 4 गौवंश या भैंसवंश पशु हैं।
सत्यापन के माध्यम से पशुओं की वास्तविक संख्या का मिलान किया जाएगा। इसके साथ ही पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान, नस्ल सुधार के लाभ, पशु पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और बेहतर पशु प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी जाएंगी।
अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सारणी के अनुसार गांवों का भ्रमण करने और घर-घर जाकर सत्यापन कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा के साथ सभी एसडीएम, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और पशुपालन विभाग के जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारियों को सौंपी गई है।
विभाग का उद्देश्य पशुपालकों को वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन के लिए प्रोत्साहित करना और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करना है। अभियान के दौरान पशुपालकों को पशुओं के बेहतर रखरखाव, संतुलित आहार और स्वास्थ्य प्रबंधन के संबंध में भी जागरूक किया जाएगा।
प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान के तहत किए जा रहे सत्यापन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और निर्धारित अवधि में सभी लक्ष्यों को पूरा किया जाए।
