भोपाल में मिला खंडवा को जल संरक्षण अवार्ड: मंत्री विजय शाह के उपाध्यक्ष पुत्र मंच पर पहुंचे

भोपाल में मिला खंडवा को जल संरक्षण अवार्ड: मंत्री विजय शाह के उपाध्यक्ष पुत्र मंच पर पहुंचे

भोपाल में मिला खंडवा को जल संरक्षण अवार्ड: मंत्री विजय शाह के उपाध्यक्ष पुत्र मंच पर पहुंचे

भोपाल(Digital Desk)। के कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में सोमवार को जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों को पुरस्कार दिए गए। इस क्षेत्र में खंडवा जिले ने देश में पहला स्थान पाया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल की मौजूदगी में सम्मान समारोह हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंचायतों को आत्मनिर्भर व समृद्ध बनाने के लिए आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित किया

सीएम-मंत्री ने कलेक्टर-सीईओ से पूछा- अध्यक्ष कहां हैं?

इसी दौरान मंच पर कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत पहुंचे तो सीएम और मंत्री ने पूछा कि अध्यक्ष कहां हैं। करीब एक मिनट तक चर्चा चली, इसके बाद मंत्री विजय शाह के बेटे और जिला पंचायत उपाध्यक्ष दिव्यादित्य शाह मंच पर गए। सभी ने सामूहिक रूप से अवॉर्ड दिया।

दरअसल, जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी वानखेड़े आए दिन सीईओ जिला पंचायत डॉ. नागार्जुन बी गौड़ा और प्रशासन पर भेदभाव के आरोप लगाती रही हैं।

उन्होंने कई बार सीएम और पंचायत मंत्री से शिकायत की थी। यहां तक वानखेड़े खुद के दलित होने का हवाला देकर प्रशासन पर पक्षपात और जिला पंचायत अध्यक्ष के अधिकारों के हनन का आरोप भी लगा चुकी हैं। कई दफा उन्होंने अनशन की चेतावनी भी दी।

वहीं सोशल मीडिया पर खुलकर प्रशासनिक अधिकारियों पर कई आरोप लगाए हैं। ऐसे में बुलावे के बाद भी अध्यक्ष का राज्य स्तरीय कार्यक्रम में न पहुंचना सीएम और मंत्री को अचंभित कर गया। इस बारे में उन्होंने कलेक्टर ऋषभ गुप्ता से जानकारी ली।

अध्यक्ष बोलीं- मैं धार्मिक यात्रा पर आई थी

मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी वानखेड़े ने कहा, मैं एक धार्मिक यात्रा पर हूं। परिवार के साथ वैष्णोदेवी आई थी। अब यहां से लौट रही हूं। यात्रा का टिकट एक महीने पहले 25 अक्टूबर को हो गया था।

भोपाल में सीएम के कार्यक्रम की सूचना अचानक मिली। वैष्णो देवी माता के दर्शन भी जरूरी थे। इसलिए कार्यक्रम अटेंड नहीं कर पाईं। किसी से कोई नाराजगी जैसा मामला नहीं हैं। मैं कल भोपाल में सीएम से पर्सनली मिल लूंगी। फिर खंडवा के लिए निकलूंगी।

अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों लॉटरी से जीते

खंडवा जिला पंचायत अध्यक्ष रही कंचन तनवे के विधायक बनने के बाद उपचुनाव हुए। तनवे के वार्ड से सदस्य निर्वाचित हुई पिंकी वानखेड़े बीजेपी से एकमात्र आरक्षित वर्ग की सदस्य थी। जिला पंचायत में भाजपा को बहुमत था, बावजूद अध्यक्ष के चुनाव में पार्टी के पसीने छूट गए।

वानखेड़े और कांग्रेस प्रत्याशी दोनों को बराबर वोट मिले। फिर लॉटरी निकली गई, इस लॉटरी में पिंकी वानखेड़े बाजी मार गई। इससे पहले उपाध्यक्ष चुनाव में भी यही हाल हुआ। मंत्री पुत्र दिव्यादित्य शाह और कांग्रेस प्रत्याशी को बराबर वोट मिले, उस दौरान भी लॉटरी से फैसला हुआ और दिव्यादित शाह को उपाध्यक्ष चुना गया।

Sources: Third Party.