खंडवा। जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में घिर गई है। ग्राम शिवरिया की महिला अभ्यर्थी लक्ष्मी सोनेर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों पर रिश्वत लेकर मेरिट सूची में फेरबदल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की शिकायत कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
लक्ष्मी सोनेर का आरोप है कि प्रारंभिक मेरिट सूची में योग्यता और पात्रता के आधार पर उनका नाम पहले स्थान पर था, लेकिन समिति के निर्णय के बाद जारी अंतिम चयन सूची में उन्हें चौथे स्थान पर पहुंचा दिया गया। उनका कहना है कि उन्हें मिलने वाले अनुभव के अंक भी अंतिम सूची में नहीं जोड़े गए, जिससे उनका चयन प्रभावित हुआ।
शिकायत के अनुसार, लक्ष्मी के पति निखिलेश गार्वे भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष हैं। वहीं चयनित अभ्यर्थी ज्योति जाधव के पति अनिल जाधव यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हैं। इस कारण मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है।
लक्ष्मी ने आरोप लगाया है कि भर्ती प्रक्रिया में सीडीपीओ और विभाग के एक बाबू की भूमिका संदिग्ध रही है तथा रिश्वत लेकर मेरिट सूची में बदलाव किया गया। उन्होंने पूरे चयन प्रक्रिया की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब है कि महिला एवं बाल विकास विभाग की भर्ती प्रक्रिया पर पहले भी अनियमितताओं और रिश्वतखोरी के आरोप लग चुके हैं। हालांकि, अब तक किसी मामले में ठोस जांच या कार्रवाई सामने नहीं आई है।
फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से शिकायत पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
