MP Cabinet Decision: एमपी कैबिनेट की मीटिंग में कई अहम फैसले लिए हैं। सबसे अहम वात्सल्य योजना है, जिसके तहत कोविड में अनाथ हुए बच्चों को 4000 रुपए प्रति महीना मिलता है। साथ ही आयुष चिकित्सालयों में नए पदों पर भर्ती की मंजूरी दी गई है।
भोपाल((नंदनी पाल))। सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में एमपी कैबिनेट की कैबिनेट हुई है। कैबिनेट की बैठक में सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। मंत्रि-परिषद मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत गैर संस्थागत सेवा योजना यथा स्पॉन्सरशिप, फॉस्टर केयर, आफ्टर केयर को आगामी 5 वर्षों तक प्रदेश के समस्त जिलों में संचालित करने की स्वीकृति दी गयी है। योजना के तहत पात्र बच्चे को 4 हजार रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जायगी। इसके साथ ही 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर बाल देखभाल संस्थान छोड़ने वाले बच्चों को ऑफटर केयर के माध्यम से रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जायेगा।
योजना के तहत विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्त माता के बच्चे, अनाथ एवं विस्तारित परिवार के साथ निवासरत बच्चे, असाध्य बीमारी से पीड़ित माता-पिता के बच्चे, बच्चे की शारीरिक और आर्थिक रूप से देखभाल करने में असमर्थ माता पिता के बच्चे, किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अनुसार देख रेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे (बेघर, प्राकृतिक आपदा से पीड़ित, बाल श्रमिक, बाल वेश्यावृति के शिकार, एड्स पीड़ित, बाल भिक्षुक, सड़क पर रहने वाले, घर से भागे, निर्योग्यत वाले, लापता, शोषण और दुर्व्यवहार के शिकार श्रेणी के बच्चे) लाभान्वित होंगे।
मिशन वात्सल्य योजना क्रियान्वयन के लिए कुल 1,022 करोड़ 40 लाख रुपये का व्यय होगा। इसमें राज्यांश 408 करोड़ 96 लाख रुपये और केंद्रांश 613 करोड़ 44 लाख रुपये होगा। इससे प्रदेश के 33 हजार 346 बच्चे लाभान्वित होंगे। यदि योजना अन्तर्गत निर्धारित स्वीकृत अवधि में भारत सरकार द्वारा योजना मापदण्डों में कोई परिवर्तन किए जाते है तो उक्त अवधि में परिवर्तित मापदण्ड प्रभावशील होंगे।
आयुष चिकित्सालयों में होगी भर्ती
इसके साथ ही कैबिनेट ने प्रदेश के 12 जिलों भोपाल, इंदौर, नरसिंहपुर, मण्डलेश्वर (खरगोन), बालाघाट, गुना, भिंड, सीहोर, अमरकंटक (अनूपपुर), पन्ना, श्योपुर एवं शुजालपुर (शाजापुर) में 50 बिस्तरीय आयुष चिकित्सालयों एवं बड़वानी जिले में 30 बिस्तरीय चिकित्सालय के संचालन के लिए 373 पद एवं 806 मानव संसाधन सेवाएं ऑन कॉल की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत नवीन पदों में प्रथम श्रेणी के 52 पद, द्वितीय श्रेणी के 91 और तृतीय श्रेणी के 230 पद शामिल है। नियमित पदों पर वार्षिक वित्तीय भार 25 करोड़ 57 लाख रुपए आएगा। इसके साथ ही स्वीकृत मानव संसाधन सेवाओं मे द्वितीय श्रेणी के 91, तृतीय श्रेणी के 117 और चतुर्थ श्रेणी के 598 पद शामिल है। मानव सेवाओं का प्रबंधन भारत सरकार के राष्ट्रीय आयुष मिशन से किया जाएगा।
वहीं, कैबिनेट में प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना में सिंचाई के लिए सोलर पंप स्थापना की योजना में संशोधन की स्वीकृति प्रदान की गयी है। संशोधन अनुसार कृषकों को स्वीकृत सोलर पंप स्थापना क्षमता से एक क्षमता अधिक तक का विकल्प प्रदाय किया जाएगा। अब 3 एचपी के अस्थाई विद्युत कनेक्शनधारियों को 5 एचपी और 5 एचपी के अस्थाई विद्युत कनेक्शनधारियों को 7.5 एचपी का सोलर पंप प्रदाय करने का विकल्प दिया जाएगा।
शासन देगी सब्सिडी
योजना के प्रथम चरण में अस्थायी विद्युत कनेक्शन संयोजन वाले किसानों और अविद्युतीकृत किसानों को सोलर पंप का लाभ दिया जाएगा। योजना अनुसार 7.5 एचपी क्षमता तक का सोलर पंप लगाने के लिए अस्थाई विद्युत कनेक्शन धारी कृषक का अंश 10% रहेगा। शासन द्वारा 90% की सब्सिडी दी जाएगी।
