खंडवा। दीपावली और देवउठनी ग्यारस पर्व के दौरान लोक शांति एवं जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ऋषव गुप्ता ने पूर्व में जारी आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए नया प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जारी यह आदेश 5 जनवरी 2027 तक जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा में प्रभावशील रहेगा।
समय-सीमा में बदलाव
जानकारी के अनुसार पहले रात 8 बजे से पहले और रात 10 बजे के बाद पटाखे चलाने पर जो प्रतिबंध लगाया गया था, जन-प्रतिनिधियों की आपत्ति और जनता के विरोध के बाद नए आदेश में इस समय-सीमा (8 बजे से 10 बजे) के नियम को हटा दिया गया है।
संशोधित आदेश के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रतिबंधित एवं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पटाखों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, विक्रय और उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। ऐसे पटाखे विशेष रूप से बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पटाखा दुकानें घनी आबादी वाले क्षेत्रों, धार्मिक स्थलों, अस्पतालों, स्कूलों और किसी भी सार्वजनिक स्थल के नजदीक नहीं लगाई जा सकेंगी। यदि निर्धारित नियमों के विपरीत किसी स्थान पर पटाखा दुकान संचालित होती पाई जाती है, तो जांच के बाद उसे तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
शहरी क्षेत्र के रहवासी इलाकों में अवैध पटाखा व्यवसाय और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों, वाहनों एवं ठेलागाड़ियों से पटाखों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा चीनी एवं अन्य विदेशी निर्मित पटाखों के भंडारण, परिवहन और बिक्री पर भी रोक लगाई गई है। धार्मिक चित्र बने हुए पटाखों का विक्रय और उपयोग भी प्रतिबंधित रहेगा।
सुरक्षा संसाधन रखना अनिवार्य
पटाखा व्यवसाय स्थल पर अग्निशमन यंत्र, बालू-रेत और पानी से भरी टंकियों सहित सभी आवश्यक सुरक्षा संसाधन उपलब्ध रखना अनिवार्य होगा। भंडार गृह का उपयोग केवल आतिशबाजी के भंडारण के लिए ही किया जा सकेगा। ई-कॉमर्स कंपनियों और निजी व्यक्तियों द्वारा पटाखों की ऑनलाइन बिक्री तथा बिना लाइसेंस पटाखा व्यवसाय करना प्रतिबंधित रहेगा।
जिले में घोषित साइलेंस जोन के 100 मीटर के दायरे में पटाखों का उपयोग भी प्रतिबंधित रहेगा। आतिशबाजी की दुकानें अन्य रहवासी भवनों से पूरी तरह अलग होंगी। दुकान के ऊपर जाने का रास्ता या निवास स्थान नहीं होना चाहिए।
नियम तोड़ने पर लाइसेंस होगा निरस्त
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली पटाखा दुकानों की जांच के बाद अनुज्ञप्ति निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, किसी स्थान, वाहन या ठेलागाड़ी से बिना लाइसेंस पटाखा व्यवसाय करते पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति के साथ-साथ पटाखा व्यवसायी का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन ने जनसुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सभी पटाखा कारोबारियों से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
