खंडवा(निर्मल मंगवानी)। गौतम नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक प्रबल दीक्षित जी ने भगवान भोलेनाथ एवं माता पार्वती के विवाह प्रसंग का सुंदर एवं भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान शिव-पार्वती विवाह की कथा सुनकर श्रद्धालु भक्ति और आस्था से सराबोर हो गए। कथा में बताया कि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रसंग बड़े ही श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर भगवान भोलेनाथ की बारात निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। भक्ति गीतों और जयकारों के बीच श्रद्धालु बारात में झूमते नजर आए। कथावाचक प्रबल दीक्षित ने शिव-पार्वती विवाह के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान शिव वैराग्य, त्याग और समर्पण के प्रतीक हैं, जबकि माता पार्वती शक्ति, श्रद्धा और भक्ति का स्वरूप हैं। शिव और शक्ति का मिलन आध्यात्मिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है। कथा वाचक में दीक्षित ने कहा कि भागवत कथा का श्रवण एक पूर्ण कार्य है और हमें जीवन जीने की कला सिखाता है, भागवत के प्रसंग को ग्रहण कर अपने जीवन को सुधारे।
शिव-पार्वती विवाह के प्रसंग के दौरान कथा स्थल का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती के जयकारे लगाए तथा विवाह उत्सव का आनंद लिया। आयोजन में श्रद्धालुओं की उपस्थिति और उत्साह देखते ही बना। कथा के समापन अवसर पर हर हर महादेव और जय माता पार्वती के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। आयोजन समिति एवं श्रद्धालुओं ने धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
