भोपाल। डिजिटल कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों की फार्मर आईडी बनाने का अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के सभी किसानों से अपनी फार्मर आईडी बनवाने की अपील की है। अभियान के तहत शासकीय दल गांव-गांव पहुंचकर किसानों की फार्मर आईडी तैयार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में डिजिटल क्रांति के माध्यम से शासन और सेवा वितरण में बड़े बदलाव आए हैं। डिजिटल पहचान, सुरक्षित भुगतान और ऑनलाइन लेनदेन ने नागरिकों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच को आसान बनाया है। इसी दिशा में किसानों के लिए डिजिटल पहचान तैयार की जा रही है।
आधार की तरह होगी किसान की डिजिटल पहचान
किसान आईडी को किसानों के लिए एक विश्वसनीय डिजिटल पहचान के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह आईडी किसानों से संबंधित विभिन्न जानकारियों और सेवाओं से जुड़ी होगी। इसमें भूमि अभिलेख, पशुधन स्वामित्व, बोई गई फसल तथा किसान को प्राप्त विभिन्न शासकीय लाभों जैसी जानकारी को जोड़ा जा सकेगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को कृषि से संबंधित जानकारी और सरकारी सेवाएं समय पर, व्यक्तिगत रूप से और विश्वसनीय तरीके से उपलब्ध कराना है।
डिजिटल कृषि मिशन से जुड़ी पहल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर डिजिटल कृषि मिशन को व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है। इसके अंतर्गत डिजिटल सार्वजनिक अधोसंरचना का निर्माण, डिजिटल फसल अनुमान सर्वेक्षण तथा केंद्र एवं राज्य सरकारों के साथ कृषि क्षेत्र से जुड़े शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों द्वारा डिजिटल तकनीक का उपयोग बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर किसान-केंद्रित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार गांव और किसान स्तर तक किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि फार्मर आईडी के माध्यम से किसानों को योजनाओं और कृषि सेवाओं का लाभ अधिक पारदर्शी एवं सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध कराया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे अभियान में शामिल होकर अपनी फार्मर आईडी अवश्य बनवाएं, ताकि डिजिटल कृषि व्यवस्था से जुड़कर सरकारी योजनाओं और सेवाओं का आसानी से लाभ ले सकें।
