खंडवा। खालवा तहसील में सहायक ग्रेड-3 के पद पर कार्यरत रहे बर्खास्त लिपिक भगवान वर्मा से अब प्रशासन 3 लाख 24 हजार 384 रुपए की वसूली करेगा। राहत राशि के संदिग्ध भुगतान से जुड़े मामले में तहसीलदार खालवा से प्राप्त आरआरसी के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन ने खंडवा तहसीलदार को निर्देश दिए हैं कि भगवान वर्मा की खंडवा तहसील क्षेत्र में स्थित चल-अचल संपत्ति की जानकारी जुटाकर राजस्व नियमों के तहत निर्धारित राशि की वसूली सुनिश्चित की जाए। वसूली गई राशि को तहसीलदार खालवा को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
2019 से 2023 तक खालवा तहसील में पदस्थ थे
प्रशासन के अनुसार, भगवान वर्मा वर्ष 2019 से 2023 तक खालवा तहसील में सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदस्थ रहे। इस दौरान वे नायब नाजिर शाखा से संबंधित कार्यों से जुड़े थे। आरोप है कि उनके कार्यकाल में राहत राशि के कुछ भुगतान उनके परिचितों के बैंक खातों में किए गए।
जांच के दौरान इन भुगतानों को संदिग्ध माना गया। उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर 3,24,384 रुपए की राशि की वसूली किया जाना तय किया गया है।
बर्खास्तगी के बाद अब आरआरसी से रिकवरी
मामले में भगवान वर्मा को पहले ही सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। अब प्रशासन ने सरकारी राशि की वसूली के लिए आरआरसी (रेवेन्यू रिकवरी सर्टिफिकेट) के माध्यम से कार्रवाई शुरू की है। इसके तहत बकाया राशि को राजस्व बकाया की तरह वसूल किया जाता है।
कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने खंडवा तहसीलदार को निर्देश दिए हैं कि बर्खास्त लिपिक की खंडवा तहसील क्षेत्र में स्थित चल-अचल संपत्तियों की जानकारी लेकर निर्धारित राशि की वसूली की जाए।
परिचितों के खातों में भुगतान से उठे सवाल
मामले में राहत राशि के भुगतान के लिए कथित तौर पर परिचितों के बैंक खातों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठे थे। प्रशासनिक जांच में इन भुगतानों को संदिग्ध पाए जाने के बाद अब संबंधित राशि की रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की गई है।
प्रशासन की ओर से उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कितने बैंक खातों में राशि भेजी गई थी और प्रत्येक खाते में कितनी राशि ट्रांसफर हुई। फिलहाल प्रशासन का मुख्य फोकस सरकारी राशि की वसूली सुनिश्चित करने पर है।
₹3.24 लाख की पूरी राशि वसूल होने के बाद इसे तहसील खालवा को उपलब्ध कराया जाएगा।
