खंडवा/ओंकारेश्वर — पवित्र तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर स्थित मांधाता पर्वत पर आकार ले रहे ‘एकात्म धाम’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार सुबह भव्य ‘पंचायतन मंदिर’ का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने पूज्य संतों की मौजूदगी में 45 पवित्र शिलाओं का पूजन कर मंदिर निर्माण के पावन कार्य का शुभारंभ किया।
वैदिक अनुष्ठान का संचालन श्री वेंकटेश्वर वेद विज्ञान पीठम् (धर्मगिरि, आंध्र प्रदेश) और श्री शारदा पीठम् (कर्नाटक) के आचार्यों द्वारा संपन्न कराया गया।

शिलान्यास की प्रमुख बातें:
सनातन चेतना का केंद्र: मुख्यमंत्री ने कहा कि एकात्म धाम केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सनातन ज्ञान परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक एकात्मता का प्रमुख केंद्र बनेगा।
सिंहस्थ से पूर्व एकात्म यात्रा: वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले उज्जैन सिंहस्थ से पूर्व एक भव्य ‘एकात्म यात्रा’ निकाली जाएगी, जिसका समापन सिंहस्थ के दौरान होगा। यह यात्रा वैश्विक स्तर पर एकात्म दर्शन का संदेश प्रसारित करेगी।
शंकराचार्य परंपरा का पुनरुद्धार: जगद्गुरु आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित विभिन्न उपासना पद्धतियों के समन्वय (पंचायतन पूजन) की परंपरा को इस मंदिर के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है।

प्राचीन नागर स्थापत्य का अद्भुत नमूना (मंदिर की विशेषताएं):
पंचदेवों की स्थापना: मुख्य देवालय में भगवान शिव विराजमान होंगे, जबकि चारों कोनों पर भगवान विष्णु, सूर्य, गणेश और शक्ति के उप-देवालय होंगे।
वास्तुकला: मंदिर का निर्माण पारंपरिक नागर शैली में 16 फीट ऊंचे आधार ‘जगति’ पर किया जा रहा है। मुख्य शिखर ‘सोमतिलक’ शैली और गर्भगृह ‘सर्वतोभद्र’ शैली में होगा।
भव्य संरचना: मंदिर के निर्माण में राजस्थान के लगभग 80 हजार घन फीट नक्काशीदार गुलाबी बलुआ पत्थर का उपयोग हो रहा है। इसमें 100 कलात्मक स्तंभ, 26 फीट व्यास का विशाल गुंबद और 121 कलश स्थापित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, षड्दर्शन संत मंडल के पूज्य संत, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

