खंडवा। मातृ मृत्यु दर में कमी लाने और गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत मंगलवार को जिले की विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में स्त्री रोग विशेषज्ञों और अन्य चिकित्सकों ने हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की जांच कर उपचार एवं आवश्यक परामर्श दिया।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरडी बाकोरिया ने बताया कि जिले की विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं में कुल 603 गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के दौरान जटिलताओं के आधार पर चिन्हित महिलाओं की निशुल्क सोनोग्राफी भी कराई गई। शिविर में शासकीय के साथ निजी चिकित्सकों ने भी अपनी सेवाएं दीं।

पोषण और संस्थागत प्रसव की दी सलाह
स्वास्थ्य शिविर के दौरान गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को कुपोषण से बचाव के लिए घर में उपलब्ध खाद्य पदार्थों से पौष्टिक भोजन तैयार कर नियमित सेवन करने की सलाह दी गई। साथ ही सुरक्षित प्रसव के लिए संस्थागत प्रसव कराने के लिए भी जागरूक किया गया।
इन्हें माना जाता है हाईरिस्क गर्भवती
डॉ. बाकोरिया के अनुसार एनीमिया, उच्च रक्तचाप और डायबिटीज जैसी समस्याओं से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को हाईरिस्क श्रेणी में रखा जाता है। इसके अलावा जिन महिलाओं का पूर्व में सिजेरियन प्रसव हुआ हो, जुड़वा बच्चे होने की स्थिति हो, गर्भ में बच्चा उल्टी स्थिति में हो या पहले गर्भपात हो चुका हो, उन्हें भी हाईरिस्क गर्भवती माना जाता है।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य ऐसी महिलाओं की समय पर पहचान कर आवश्यक जांच, उपचार और विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराना है, ताकि गर्भावस्था के दौरान जटिलताओं को कम किया जा सके और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके।
