खंडवा | प्लॉट के नामांतरण के नाम पर 3 हजार रुपए की रिश्वत मांगने वाले आरोपी पटवारी दिनेश जगताप को कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई है। पटवारी ने प्लाटधारी से 2500 रुपए ऐंठ लिए थे। बाकी बचे 500 रुपए देने के लिए पटवारी सता रहा था। लोकायुक्त टीम ने कोर्ट में रिश्वतखोरी से जुड़े साक्ष्य पेश किए तो उसकी पोल खुल गई और वह बेनकाब हो गया। अभियोजन की ओर से केस की पैरवी एडीपीओ विनोद पटेल ने की है।
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ जाहिद खान ने बताया छैगांव माखन इलाके के पटवारी आरोपी दिनेश पिता कालूराम जगताप (51) को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 (क) में तीन साल का कठोर कारावास व 15 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया है।
घटना 4 जुलाई 2019 की है। छैगांवमाखन स्थित इंदिरा आवास कॉलोनी में रहने वाले आवेदक सादिक शेख ने पत्नी आयशा शेख के नाम से 450 वर्गफीट का प्लॉट खरीदा था। उसी का नामांतरण कराने के लिए पटवारी ने 3 हजार रुपए मांगे। बार-बार सादिक पर दबाव डालकर ढाई हजार रुपए ले लिए। 500 रुपए नहीं मिलने पर उसने नामांतरण अटका दिया। सादिक ने 24 अगस्त 2019 को इंदौर स्थित लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की।
