भोपाल। भारत सरकार की नागरिक उन्मुख पहल ‘रिफॉर्म उत्सव’ के तहत नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने और प्रणालीगत सुधारों से जुड़े सुझावों को प्रभावी ढंग से संकलित करने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय समन्वय समिति का गठन किया गया है। समिति की अध्यक्षता संबंधित जिले के कलेक्टर करेंगे।
कई विभागों के अधिकारी होंगे सदस्य
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार समिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, नगर निगम के आयुक्त अथवा मुख्य नगर पालिका अधिकारी, जिला जनसंपर्क अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी तथा जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक को सदस्य-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।
आवश्यकता के अनुसार संबंधित विभागों के अधिकारियों, संस्थाओं के प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बैठक में बुलाया जा सकेगा।
गांव से शहर तक जुटाए जाएंगे सुझाव
समिति का प्रमुख दायित्व जिले के लिए डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान तैयार करना और ‘रिफॉर्म उत्सव’ की गतिविधियों का समन्वय एवं अनुश्रवण करना होगा। ग्राम पंचायतों और नगरीय क्षेत्रों में जन मंथन, जनसभा, वार्ड सभा तथा अन्य जनसंपर्क गतिविधियों का आयोजन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
इसके अलावा सीएससी, माय भारत वॉलंटियर्स, पंचायतों और नगरीय निकायों के माध्यम से नागरिकों को ‘रिफॉर्म उत्सव’ पोर्टल पर अपने सुझाव दर्ज कराने में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सुझावों की होगी स्क्रूटिनी और संबंधित विभागों को रेफरल
नागरिकों से प्राप्त सुधार संबंधी सुझावों का संकलन और स्क्रूटिनी कर उन्हें संबंधित विभागों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी समिति की होगी। राज्य नोडल अधिकारी और केंद्रीय नोडल अधिकारी के साथ समन्वय कर फील्ड स्तर की गतिविधियों तथा नागरिक फीडबैक का संकलन किया जाएगा।
‘रिफॉर्म उत्सव’ की गतिविधियों और सुझावों की प्रगति को पोर्टल पर समयबद्ध तरीके से अपडेट करने के साथ राज्य स्तर पर रिपोर्ट भी भेजी जाएगी। जिले से संबंधित सुधार, उपलब्धियां और परिणाम संकलित कर राज्य को उपलब्ध कराए जाएंगे।
महीने में कम से कम एक बैठक
समन्वय समिति की बैठक माह में कम से कम एक बार आयोजित की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बैठक भी बुलाई जा सकेगी। समिति का उद्देश्य नागरिकों के सुझावों को प्रशासनिक सुधारों से जोड़कर शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाना है।
