खंडवा के बाल सम्प्रेक्षण गृह के बच्चों का हुनर आया सामने, कलाकृतियों की गणमान्य अतिथियों ने की प्रशंसा

खंडवा के बाल सम्प्रेक्षण गृह के बच्चों का हुनर आया सामने, कलाकृतियों की गणमान्य अतिथियों ने की प्रशंसा

खंडवा के बाल सम्प्रेक्षण गृह के बच्चों का हुनर आया सामने, कलाकृतियों की गणमान्य अतिथियों ने की प्रशंसा

खंडवा। बाल सम्प्रेक्षण गृह खंडवा के बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को इंदौर में आयोजित प्रदर्शनी में मंच मिला। सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के इंदौर आगमन के दौरान ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश की विभिन्न बाल देखरेख संस्थाओं के बच्चों द्वारा तैयार की गई रचनात्मक एवं उपयोगी सामग्री प्रदर्शित की गई।

 

महिला एवं बाल विकास विभाग भोपाल के निर्देश पर आयोजित इस प्रदर्शनी में बाल सम्प्रेक्षण गृह खंडवा के अपचारी बालकों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों और अन्य सामग्रियों को भी प्रदर्शित किया गया। बच्चों के हुनर, मेहनत और रचनात्मकता को देखकर आगंतुकों और गणमान्य अतिथियों ने उनकी खूब सराहना की।

महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक अजय गुप्ता ने बताया कि प्रदर्शनी के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा को सामने लाने का प्रयास किया गया। बच्चों द्वारा तैयार सामग्री को अतिथियों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली।

 

 

सही मार्गदर्शन से निखरती है प्रतिभा

प्रदर्शनी ने यह संदेश भी दिया कि बाल देखरेख संस्थाओं में रह रहे बच्चों को यदि उचित अवसर, प्रोत्साहन और मार्गदर्शन मिले तो उनकी प्रतिभा को बेहतर दिशा दी जा सकती है। रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने में भी मदद मिलती है।

प्रदर्शनी में खंडवा के बच्चों की कलाकृतियों की सराहना उनके हुनर और मेहनत के लिए प्रोत्साहन का माध्यम बनी। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मंच बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।