खंडवा में व्यापारियों का सरकार के खिलाफ मोर्चा, मंडी शुल्क बढ़ोतरी वापस लेने की मांग

खंडवा में व्यापारियों का सरकार के खिलाफ मोर्चा, मंडी शुल्क बढ़ोतरी वापस लेने की मांग

खंडवा में व्यापारियों का सरकार के खिलाफ मोर्चा, मंडी शुल्क बढ़ोतरी वापस लेने की मांग

खंडवा। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा कृषि उपज मंडियों में मंडी शुल्क 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किए जाने के निर्णय का खंडवा में विरोध शुरू हो गया है। मंगलवार को व्यापार एवं उद्योग कांग्रेस के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने पुरानी अनाज मंडी पहुंचकर मंडी सचिव को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और बढ़ा हुआ मंडी शुल्क वापस लेने की मांग की।

व्यापारियों का कहना है कि मंडी शुल्क में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी से कृषि उपज के व्यापार की लागत बढ़ जाएगी। इसका सीधा असर न केवल व्यापारियों पर पड़ेगा, बल्कि किसानों और उपभोक्ताओं को भी इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। उनका तर्क है कि बढ़ी हुई लागत का बोझ अंततः कृषि उत्पादों की कीमतों पर दिखाई देगा।

ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार करने और मंडी शुल्क को पहले की तरह 1 प्रतिशत ही रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि शुल्क वृद्धि वापस नहीं ली गई तो प्रदेशभर के व्यापारी आंदोलन की रणनीति बनाने को मजबूर होंगे।

व्यापार एवं उद्योग कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार को ऐसा कोई भी निर्णय लेने से पहले व्यापारिक संगठनों और किसानों से चर्चा करनी चाहिए, ताकि कृषि व्यापार और मंडी व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और मंडी शुल्क वृद्धि के फैसले को वापस लेकर व्यापारियों तथा किसानों को राहत प्रदान करेगी।