गुड़ीखेड़ा। गुड़ीखेड़ा गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर उस समय सवाल खड़े हो गए, जब प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला को समय पर इलाज और एम्बुलेंस सुविधा नहीं मिल सकी। परिजनों का आरोप है कि 108 एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं होने और अस्पताल में आवश्यक सुविधाओं के अभाव के कारण प्रसूता को करीब पांच घंटे तक परेशान होना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को गांव की एक गर्भवती महिला प्रसव के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थी। वहां मौजूद नर्स ने परिजनों को बताया कि अस्पताल में न तो डॉक्टर उपलब्ध हैं और न ही प्रसव के लिए आवश्यक चिकित्सा सामग्री। इसके बाद महिला को दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई।
परिजनों ने 108 एम्बुलेंस सेवा से संपर्क किया, लेकिन समय पर वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। इससे प्रसूता को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा और परिजन निजी व्यवस्था करने को मजबूर हो गए।
ग्रामीणों का कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केवल नाम का अस्पताल बनकर रह गया है। यहां न पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ है और न ही आवश्यक संसाधन, जिससे मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की नियमित तैनाती, आवश्यक दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा 108 एम्बुलेंस सेवा को अधिक प्रभावी बनाने की मांग की है।
