ओंकारेश्वर। ब्रह्मपुरी घाट पर गुरुवार सुबह नर्मदा स्नान के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। इंदौर निवासी 19 वर्षीय श्रद्धालु सिद्धार्थ गहरे पानी में डूबने लगा, लेकिन एसडीईआरएफ के जवान और स्थानीय नाव चालक की त्वरित कार्रवाई से उसकी जान बच गई। घटना सुबह करीब 9 बजे की है।
जानकारी के अनुसार, इंदौर के रिंग रोड क्षेत्र निवासी सिद्धार्थ अपने पिता विनोद के साथ भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन के लिए आया था। स्नान के दौरान वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने शोर मचाकर मदद की गुहार लगाई।
सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात एसडीईआरएफ जवान महेश रावत बिना समय गंवाए लाइफ बॉय लेकर नर्मदा नदी में कूद पड़े। इसी दौरान स्थानीय नाव चालक शिवा वर्मा भी नाव लेकर मौके पर पहुंच गए। दोनों ने समन्वित प्रयास करते हुए युवक को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया। इसके बाद उसे प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई गई।
रेस्क्यू अभियान की सफलता पर घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने एसडीईआरएफ जवान और नाव चालक की सराहना की। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि यदि कुछ मिनट की भी देरी होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
जिला सेनानी होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ खंडवा आशीष कुमार कुशवाहा ने सफल रेस्क्यू के लिए जवानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि जल बचाव अभियान में हर सेकंड महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि एसडीईआरएफ और होमगार्ड के जवानों को नियमित रूप से जल-राहत, लाइफ सेविंग तकनीकों और आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि नर्मदा स्नान के दौरान सुरक्षा सीमाओं का पालन करें, गहरे पानी में जाने से बचें तथा घाटों पर तैनात एसडीईआरएफ, होमगार्ड और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
