खंडवा। मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार ने तीर्थ क्षेत्रों में शराबबंदी कर एक अच्छा निर्णय लिया है, प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जो स्वयं महाकाल की नगरी उज्जैन से आते हैं उन्होंने उज्जैन के साथ 11 जिलों के 17 तीर्थ स्थानो पर शराबबंदी का निर्णय कैबिनेट की बैठक में मंजूर किया जो स्वागत योग्य है, तीर्थ क्षेत्र में शराबबंदी के निर्णय को लेकर समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन बताया कि तीर्थ क्षेत्र आस्था का केंद्र होते हैं श्रद्धालु यहां पूरी श्रद्धा के साथ अपने आराध्य की पूजा पाठ और आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। दूसरी तरफ शराब की दुकान और उसके पास चलने वाले अहाते नशे का केंद्र होते हैं।
नशा करने के बाद मनुष्य असामाजिक भी हो सकता है। संभवतः इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव एवं प्रदेश सरकार ने धार्मिक स्थलों से शराब दुकाने हटाने का निर्णय तीर्थ नगरी महेश्वर में आयोजित कैबिनेट की बैठक में लिया, इस निर्णय का प्रदेश के सभी श्रद्धालुओं ने स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं सरकार को धन्यवाद दिया, समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया की महेश्वर में आयोजित कैबिनेट की बैठक में तीर्थ क्षेत्र में शराबबंदी को लेकर सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल एवं खंडवा विधायक कंचन मुकेश तनवे ने महेश्वर पहुंचकर मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों द्वारा किए गए नर्मदा पूजन में शामिल होकर पूजा अर्चना की।
मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव का स्वागत अभिनंदन करते हुए शराबबंदी के निर्णय को लेकर धन्यवाद ज्ञापित किया, तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर के साथ ही अन्य तीर्थ स्थलों पर शराबबंदी के निर्णय को लेकर जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर, मंत्री कुंवर विजय शाह, जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी सुदेश वानखेडे, मांधाता विधायक नारायण पटेल, पंधाना विधायक छाया मोरै, महापौर अमृता अमर यादव, प्रवक्ता सुनील जैन ने भी शराबबंदी निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।